राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बारुईपुर पश्चिम से बीजेपी प्रत्याशी विश्वजीत पाल के साथ कथित मारपीट के आरोप में बारुईपुर थाने के आईसी और एक सब-इंस्पेक्टर को भी निलंबित किया गया है। निलंबित अधिकारियों में बारुईपुर थाने के आईसी समर दे और सब-इंस्पेक्टर सुकुमार रुईदास शामिल हैं। इस संबंध में राज्य पुलिस की ओर से आधिकारिक आदेश भी जारी किया गया है। आदेश में आईसी समर दे के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। आरोप है कि मतगणना परिणाम घोषित होने के अगले दिन, यानी 5 मई को, बारुईपुर पश्चिम के बीजेपी प्रत्याशी विश्वजीत पाल के साथ मारपीट की गई। इस मामले में सीधे पुलिस पर आरोप लगे हैं। बारुईपुर थाने के आईसी समर दे और सब-इंस्पेक्टर सुकुमार रुईदास का नाम भी सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर कई पुलिसकर्मी बीजेपी प्रत्याशी को पीटते हुए गाड़ी में बैठाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में बारुईपुर थाने के आईसी समर दे भी मौके पर मौजूद दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि सन्मार्ग नहीं करता है। स्थानीय बीजेपी नेतृत्व का दावा है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के अगले दिन यह घटना हुई। तृणमूल कांग्रेस की ओर से विभिन्न इलाकों में तोड़फोड़ की शिकायत की गई थी। इन्हीं आरोपों के बाद बारुईपुर थाने के आईसी और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। बीजेपी का दावा है कि इसके बाद ही यह घटना घटी। विश्वजीत पाल ने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन पुलिस ने उन्हें सड़क पर देखते ही पीटना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि बिना किसी उकसावे के उनके साथ मारपीट की गई और बाद में उनके खिलाफ झूठा मामला भी दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर राज्य पुलिस ने जांच शुरू की और जांच के बीच ही दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।