कोलकाता : महानगर में एक संस्था पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर 11.22 करोड़ रुपये का लोन लेकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। घटना को लेकर प्राइवेट बैंक की तरफ से शेक्सपियर सरणी थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है। शिकायत के आधार पर लालबाजार के डीडी के अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्राइवेट बैंक के प्रबंधन ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक संस्था आपराधिक साजिश के तहत बैंक से लोन हासिल किया। शिकायत के मुताबिक, उक्त संस्था ने अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए वर्ष 2022 में बैंक से 11.22 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इसके लिए संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज कोलेटरल सिक्योरिटी के रूप में प्रस्तुत किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि ये सभी दस्तावेज जाली और मनगढ़ंत थे। पुलिस ने बताया कि आरोपितों ने ऋण लेने के बाद बैंक को भुगतान करना बंद कर दिया, जिसके चलते 29 अक्टूबर 2024 को खाते को एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित किया गया। इसके बाद 26 मई 2025 को लोन रिकॉल नोटिस भी जारी की गयी, लेकिन कोई भुगतान नहीं किया गया। बैंक की आंतरिक जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जिन संपत्तियों को गिरवी रखा गया था, वे वास्तविक नहीं थीं और दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी थे। आरोप है कि आरोपितों ने जाली दस्तावेजों को असली बताकर बैंक से धोखाधड़ी की और ऋण राशि को अपने निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया, जिससे बैंक को 11.22 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।