एक अभियुक्त की पेशी के दौरान वकीलों से की गयी मारपीट, 4 घायल
आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में यूट्यूबर दीपक व्यापारी को किया गया था गिरफ्तार
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता :
गुरुवार को बैंकशाल कोर्ट में एक अभियुक्त की पेशी के दौरान अंडे फेंकने का विरोध करने पर यूट्यूबर तथा वकीलों से मारपीट की गयी। इस मारपीट में चार वकील घायल हो गये। घायलों के नाम अरिंदम घोष, देवांकुर बोस, सईद अंसारी अली और सागर राय हैं। घटना के बाद बैंकशाल कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और वकीलों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। बैंकशाल कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव प्रबीर मुखर्जी ने बताया कि हमले में शामिल एक आरोपी को पकड़ लिया गया है, जबकि तीन अन्य फरार हैं। उन्होंने मांग की है कि सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इस हिंसक घटना के विरोध में वकीलों ने पेनडाउन का आह्वान किया है। वकीलों का कहना है कि हमलावरों की गिरफ्तारी तक कोर्ट में काम नहीं होगा। उन्होंने पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। गुरुवार को वकीलों ने बैंकशाल कोर्ट के चीफ जज से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार देश विरोधी और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर दीपक व्यापारी को गुरुवार की दोपहर बैंकशाल अदालत के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। आरोपी दीपक व्यापारी को अदालत में पेशी के लिए लाते समय कुछ लोगों ने उस पर अंडे फेंक दिए। उपस्थित वकीलों ने जब इस घटना का विरोध किया, तो बाहरी असामाजिक तत्वों ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद कोर्ट परिसिर में वकीलों के साथ मारपीट की गयी। मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को संभाला। इस दौरान वकीलों ने एक अभियुक्त को रंगेहाथ पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। वहीं दूसरी ओर आरोपी की पेशी के दौरान अदालत में सरकारी वकील अरूप चक्रवर्ती ने दलील देते हुए कहा कि आरोपी पर देश विरोधी और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयान प्रसारित करने का गंभीर आरोप है। उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। पुलिस ने मामले से जुड़ा एक पेन ड्राइव जब्त किया है। सरकारी वकील ने कहा कि इस पूरे मामले के पीछे एक बड़ा गिरोह सक्रिय हो सकता है, जिसकी तह तक जाने और अन्य साजिशकर्ताओं को पकड़ने के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है। सुनवाई के दौरान आरोपी दीपक व्यापारी ने जज के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा, ‘मैं लंबे समय से पत्रकारिता कर रहा हूं। बागेश्वर बाबा से जुड़े एक मामले पर टिप्पणी करते समय भाषाई भूल हुई थी, जिसके लिए मैं माफी मांगता हूं। मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया जो देश विरोधी हो। सुरक्षा के लिहाज से मैं कोयंबटूर चला गया था। मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।’ दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पायल बनर्जी ने यूट्यूबर को 6 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश सुनाया।