कोलकाता: बहूबाजार को ‘सोने का हब’ बनाने के वादे के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चौरंगी की जनसभा से स्वर्ण व्यापारियों को समर्थन का संदेश दिया।
सभा में उन्होंने विकास और पुनर्निर्माण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि बहूबाजार में मेट्रो परियोजना के दौरान जब कई मकान ढह गए थे, तब व्यापारी और आम लोग कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे थे।
ममता ने दावा किया कि उस समय वे स्वयं मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभाला। साथ ही, उन्होंने मेट्रो अधिकारियों को प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए बाध्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गलत योजना के कारण यह हादसा हुआ था और उन्होंने लगातार क्षेत्र का दौरा कर लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया।
केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से व्यापारियों पर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि उस समय कई लोग चुप थे, लेकिन उन्होंने स्वयं व्यापारियों के साथ खड़े होकर उनका भरोसा बनाए रखने की कोशिश की।
कोविड काल का उल्लेख करते हुए ममता ने कहा कि बड़ाबाजार और कोल मार्केट लंबे समय तक बंद रहने से व्यापारी गंभीर संकट में थे। ऐसे समय में वे स्वयं सड़कों पर उतरीं और बाजारों को फिर से खुलवाने की पहल की, ताकि व्यापार सामान्य स्थिति में लौट सके।