सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट के बोर्ड ऑफ ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. अनिकेत महतो ने अपने पद से इस्तीफा देने के अगले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि वह सीनियर रेजिडेंट (एसआर‑शिप) की नियुक्ति स्वीकार नहीं करेंगे।
डॉ. महतो ने कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद अपनी पोस्टिंग को लेकर अब तक आधिकारिक आदेश नहीं मिलने के कारण यह कठिन निर्णय लिया है। पिछले महीने एक पोस्टिंग विवाद के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा था कि अनिकेत की पोस्टिंग रायगंज नहीं, बल्कि आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आरजीकेएमसीएच) में की जानी चाहिए। अदालत के आदेश के बाद भी राज्य सरकार की ओर से किसी ठोस पहल या आदेश जारी नहीं होने पर अनिकेत ने नाराजगी जताई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. महतो ने कहा, “एक मामूली पोस्टिंग मामले में करोड़ों रुपये खर्च हो गए, लेकिन अब तक मुझे पोस्टिंग का आधिकारिक आदेश नहीं मिला है। अगर राज्य सरकार मुझे सीनियर रेजिडेंट के पद पर नियुक्ति देती भी है, तो भी मैं पदभार ग्रहण नहीं करूंगा।”
डॉ. महतो ने यह भी कहा कि इस फैसले के पीछे राजनीतिक प्रतिहिंसा है और उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके करियर की प्रगति को रोका जा रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें स्पष्ट राहत दी है।
इसके अलावा, एक सीनियर रेजिडेंट का पद छोड़ने के लिए 30 लाख रुपये का इंडिमनिटी बॉन्ड जमा करना अनिवार्य है। डॉ. महतो ने बताया कि इतनी बड़ी रकम वे अकेले जुटा पाना संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने लोगों से क्राउडफंडिंग के माध्यम से आर्थिक मदद की अपील की है।