रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
दक्षिण 24 परनगा : आनंदपुर स्थित मोमो फैक्ट्री में लगी भीषण आग में अब तक आठ लोगों की जानें जाचुकी हैं। कई श्रमिक अब भी लापता हैं। वे कहां हैं—इसको लेकर खोज जारी है। समय बीतने के साथ चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच एक उम्मीद की किरण सामने आई है। पूर्व मेदिनीपुर जिले के मयना थाना क्षेत्र के चांदबेड़िया गांव निवासी युवक विष्णुपद खुटिया किसी तरह से जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे। हालांकि जान बच गई, लेकिन उनके चेहरे और आंखों में अब भी भय साफ झलक रहा है। उस भयावह रात की बात याद करते ही वे सिहर उठते हैं। घटना के बाद गहरे सदमे में विष्णुपद खुटिया अपने गांव चांदबेड़िया लौट आए हैं। वे जले हुए डेकोरेटर्स गोदाम के एक कर्मचारी थे। घटना की रात को याद करते हुए विष्णुपद ने बताया, 'कुछ ही सेकंड के भीतर चारों ओर काला धुआं छा गया। सांस लेना मुश्किल हो गया। मेरे साथ कुल 14–15 लोग थे लेकिन हम सिर्फ चार लोग ही बाहर निकल पाए, बाकी का कोई पता नहीं चल पाया।' उन्होंने आगे कहा, “हम लोग खाना खाने के बाद रात करीब एक बजे सो गए थे। रात करीब तीन से साढ़े तीन बजे अचानक चीख-पुकार सुनकर नींद खुली। देखा कि गोदाम के अंदर आग लग चुकी थी। कुछ ही सेकंड में आग तेजी से फैल गई। पूरा गोदाम काले धुएं से भर गया और दम घुटने लगा। उस समय सिर्फ मोबाइल फोन हाथ में था। मोबाइल की रोशनी में सीढ़ियों से कूदकर किसी तरह बाहर निकल पाए लेकिन हम सिर्फ चार-पांच लोग ही बच पाए। मोबाइल के अलावा कुछ भी साथ नहीं ला सके।” घर लौटने के बाद सोमवार रात को मयना ब्लॉक समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी विष्णुपद के घर पहुंचे और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। प्रशासन के अनुसार, आग की घटना में अब तक आठ जले हुए शवों के अवशेष बरामद किए गए हैं। नरेंद्रपुर थाने में 10 लोगों के लापता होने की डायरियां दर्ज की गई हैं। पूर्व मेदिनीपुर के लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस भयावह स्थिति में मयना के विष्णुपद किसी तरह जान बचाकर लौट पाए हैं। पूरे हालात पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है।