कोलकाता : पश्चिम बंगाल भाजपा के संगठन महामंत्री पद पर अमिताभ चक्रवर्ती की लगातार तीसरी बार नियुक्ति हुई है। इसके साथ ही केंद्रीय नेतृत्व ने संगठन के मामले में उन पर अपना भरोसा और बढ़ाने का संकेत दिया है।
पिछले कुछ वर्षों से अमिताभ चक्रवर्ती के साथ संयुक्त संगठन महामंत्री के रूप में सतीश ढोंड भी पश्चिम बंगाल भाजपा के संगठन को संभाल रहे थे। अब उन्हें महाराष्ट्र भेज दिया गया है। इस बदलाव के बाद पश्चिम बंगाल में संगठन की पूरी जिम्मेदारी अमिताभ चक्रवर्ती को ही दी गई है।
भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में केंद्रीय स्तर और विभिन्न राज्यों के संगठन महामंत्रियों की नई सूची को मंजूरी दी गई। गुरुवार को पार्टी ने यह सूची जारी की। बीएल संतोष राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के पद पर बने हुए हैं। उनके साथ अब संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के रूप में सौदान सिंह की भी नियुक्ति हुई है।
पहले केंद्रीय स्तर पर बीएल संतोष के साथ संगठन का काम मुख्य रूप से शिवप्रकाश देखते थे। अब सौदान सिंह की वापसी हुई है। उन्हें पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सतीश को अनुसूचित जाति मोर्चा और संसदीय विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
भाजपा में आम तौर पर किसी राज्य के संगठन महामंत्री में बदलाव से पहले संयुक्त संगठन महामंत्री को जिम्मेदारी दी जाती है। वह कुछ समय तक संगठन को समझने के बाद आगे मुख्य जिम्मेदारी संभालता है। लेकिन पश्चिम बंगाल में सतीश ढोंड को हटाकर महाराष्ट्र भेज दिया गया और अमिताभ चक्रवर्ती को ही संगठन की पूरी कमान सौंप दी गई।
अब पश्चिम बंगाल भाजपा के सभी 43 संगठनात्मक जिलों की जिम्मेदारी अमिताभ चक्रवर्ती के पास होगी। पहले कुछ जिलों की जिम्मेदारी अमिताभ और कुछ की जिम्मेदारी सतीश ढोंड संभालते थे।
भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष के पद पर आम तौर पर लगातार दो कार्यकाल के बाद बदलाव देखने को मिलता है। लेकिन संगठन महामंत्री के पद पर अमिताभ चक्रवर्ती लगातार तीसरी बार नियुक्त हुए हैं।
2019 में उन्हें पश्चिम बंगाल भाजपा का संयुक्त संगठन महामंत्री बनाकर भुवनेश्वर से कोलकाता भेजा गया था। उस समय संगठन महामंत्री सुब्रत चट्टोपाध्याय थे। अगले ही वर्ष, 2020 में अमिताभ को संगठन महामंत्री बना दिया गया।
2020 से 2026 तक उन्होंने दो कार्यकाल पूरे किए। 2021 और 2026 के विधानसभा चुनावों के दौरान भी राज्य में पार्टी के संगठन की जिम्मेदारी उनके पास रही। 2026 में पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद उनके पद पर बने रहने की चर्चा पहले से ही थी। केंद्रीय नेतृत्व ने अंततः उन्हें ही जारी रखने का फैसला किया।
हालांकि अमिताभ चक्रवर्ती का लगातार तीसरी बार संगठन महामंत्री बनना महत्वपूर्ण है, लेकिन बंगाल भाजपा में उनसे भी लंबे समय तक इस पद पर रहने का रिकॉर्ड मौजूद है।
देवव्रत सिंह — 1990 से 2003 तक, लगातार 13 वर्ष
अमलेंदु चट्टोपाध्याय — 2003 से 2016 तक
सुब्रत चट्टोपाध्याय — लगभग 4 वर्ष
अमिताभ चक्रवर्ती — 2020 से लगातार, अब तीसरा कार्यकाल
इस तरह पश्चिम बंगाल भाजपा के संगठन महामंत्री के रूप में अमिताभ चक्रवर्ती का तीसरा कार्यकाल शुरू हो गया है।