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कोलकाता सिटी

एयरपोर्ट की आपत्ति के बावजूद ईको पार्क में होगा पतंग उत्सव

कोलकाता एयरपोर्ट प्राधिकरण ने जताई सुरक्षा चिंता, डीएम और पुलिस कमिश्नर को भी लिखा पत्र कोलकाता।

Neha Singh

कोलकाता एयरपोर्ट प्राधिकरण की आपत्ति के बावजूद राज्य पर्यटन विभाग न्यू टाउन स्थित ईको पार्क में पतंग उत्सव आयोजित करने की तैयारी में है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने पर्यटन विभाग से आयोजन स्थल बदलने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि ईको पार्क एयरपोर्ट से पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित है और यह क्षेत्र विमानों के आने-जाने के मार्ग के करीब है। कोलकाता एयरपोर्ट के अधिकारियों ने उत्तर 24 परगना के जिलाधिकारी और बिधाननगर पुलिस कमिश्नर को भी पत्र लिखकर शुक्रवार को प्रस्तावित पतंग उत्सव के दौरान उड़ानों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

एयरपोर्ट ऑपरेटर ने पत्र में कहा है कि प्रस्तावित आयोजन स्थल एयरपोर्ट के एप्रोच और टेक-ऑफ पाथ के भीतर आता है। ऐसे में पतंग उड़ाने की गतिविधि विमान परिचालन के लिए गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती है। पायलटों ने भी जताई चिंता सूत्रों के मुताबिक, कुछ पायलटों ने भी एयरपोर्ट के आसपास पतंग उड़ाए जाने को लेकर चिंता व्यक्त की है। खासकर विमानों के लैंडिंग और टेक-ऑफ के महत्वपूर्ण चरण में कम ऊंचाई पर उड़ने वाली पतंगें खतरा पैदा कर सकती हैं।

बड़ी पतंगें और मजबूत सिंथेटिक मांझे विमान के इंजन में खिंच सकते हैं। इससे इंजन के अंदर कंप्रेसर ब्लेड क्षतिग्रस्त होने, लैंडिंग गियर में मांझा उलझने या अन्य तकनीकी नुकसान का खतरा रहता है। इसे पक्षी से टकराने जैसी घटना के समान गंभीर माना जा सकता है। वहीं, गिरी हुई पतंगों और मांझे का मलबा रनवे तथा टैक्सीवे पर पहुंचने से विमानों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है और उन्हें हटाने के लिए परिचालन रोकना पड़ सकता है।

एक पायलट के अनुसार, फ्लाइट पाथ के आसपास कम ऊंचाई पर उड़ती पतंगों के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल को विमानों का रूट बदलना, उन्हें होल्ड कराना या आवश्यक होने पर NOTAM जारी करना पड़ सकता है, जिससे उड़ानों में देरी की स्थिति बन सकती है। लेजर और स्काई लैंटर्न पर भी एयरपोर्ट की नजर एयरपोर्ट अधिकारियों के लिए पतंग ही एकमात्र चिंता नहीं है। अतीत में विभिन्न आयोजनों के दौरान इस्तेमाल किए गए लेजर से भी विमानों को परेशानी हुई है। त्योहारों के मौसम को देखते हुए कोलकाता एयरपोर्ट प्राधिकरण ने उत्तर 24 परगना प्रशासन को पत्र लिखकर ऐसे लेजर के इस्तेमाल पर रोक लगाने की जरूरत बताई है, क्योंकि उनकी तेज रोशनी लैंडिंग के बेहद महत्वपूर्ण चरण में पायलटों की आंखों पर क्षणिक असर डाल सकती है।

दीपावली के दौरान स्काई लैंटर्न के इस्तेमाल को लेकर भी इसी तरह की पाबंदियां लागू की जाती हैं। पर्यटन विभाग ने मांगी थी अनुमति वहीं, विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर परंपरागत रूप से पतंग उड़ाने की परंपरा के बीच इस वर्ष राज्य पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित पतंग उत्सव से उत्साह और बढ़ गया है। आयोजन को देखते हुए पर्यटन विभाग ने कुछ दिन पहले ही एयरपोर्ट अधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक अनुमति मांगी थी।

साथ ही यह भी अनुरोध किया था कि सुरक्षित विमान परिचालन में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। हालांकि, एयरपोर्ट अधिकारियों की ओर से आयोजन स्थल को लेकर सुरक्षा संबंधी आपत्ति जताई गई है। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर जनवरी में उत्तरायण के दौरान पतंगबाजी के कारण पैदा होने वाली चुनौतियों का उदाहरण भी सामने आता है।

वहां विमान संचालन करने वाले पायलटों के अनुसार पतंगबाजी के मौसम में स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकती है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से उस दौरान NOTAM जारी कर पायलटों को दिन में पतंग उड़ाने और रात में रोशनी वाली पतंगों के कारण आगमन एवं प्रस्थान के समय विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी जाती है।

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