सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता / मुम्बई : ‘सुल्तान’ और ‘टाइगर ज़िंदा है’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए मशहूर निर्देशक अली अब्बास जफ़र अब ‘सैयारा’ के स्टार अहान पांडे को अपनी अगली अनटाइटल्ड फिल्म में निर्देशित कर रहे हैं, जिसे यश राज फिल्म्स प्रोड्यूस कर रही है।
अली का मानना है कि अहान में आज की पीढ़ी के किसी भी अभिनेता में न मिलने वाला एक ओल्ड-स्कूल रोमांटिक हीरो का आकर्षण है। वे कहते हैं, “मुझे अहान में जो सबसे ज़्यादा पसंद है, वह है उसकी सच्चाई। आज के दौर में, जब बहुत कुछ बनावटी और परफॉर्मेटिव लग सकता है, अहान अपने अभिनय में एक पुरानी ईमानदारी लेकर आता है — बिल्कुल उन रोमांटिक हीरोज़ की तरह जिन्हें देखकर हम बड़े हुए हैं और जिन्हें प्यार किया है। कैमरा इसे महसूस करता है। आप स्क्रीन पर बनावटी संवेदनशीलता नहीं दिखा सकते, वह कभी असर नहीं करती। अहान संवेदनशील होने से डरता नहीं है और यही बात उसे खास बनाती है।”
अली आगे कहते हैं, “दर्शकों ने अहान से इसलिए जुड़ाव महसूस किया है क्योंकि वह उन्हें प्रभावित करने की कोशिश नहीं करता। वह बस उस पल में मौजूद रहता है। उसमें एक नरमी है, लेकिन साथ ही ताक़त भी। यही संतुलन दर्शकों को उसके साथ खड़ा करता है, खासकर लव स्टोरीज़ में। मुझे सच में लगता है कि उसमें उन दुर्लभ रोमांटिक हीरोज़ में शामिल होने की क्षमता है, जो फिल्म खत्म होने के बाद भी दर्शकों को कुछ महसूस करवा जाते हैं।”
अहान, अली अब्बास जफर की इस फिल्म की शूटिंग 30 मार्च से मुंबई में शुरू करेंगे और इसके बाद लगभग 60 दिनों की शूटिंग के लिए यूके रवाना होंगे। यह एक एक्शन एंटरटेनर फिल्म है, जिसमें उनके साथ दमदार युवा अभिनेत्री शर्वरी भी नज़र आएंगी।
अली चाहते हैं कि दर्शक अहान के रोमांटिक हीरो अवतार को एक्शन की तीव्रता के साथ देखें, जिसे वे भावनात्मक रूप से बेहद प्रभावशाली मानते हैं। अली का मानना है कि अहान की संवेदनशीलता उसे इस जॉनर के लिए एकदम उपयुक्त बनाती है।
अली कहते हैं,“एक सच्चा रोमांटिक हीरो सिर्फ नरमी से परिभाषित नहीं होता — उसे भावनात्मक तीव्रता परिभाषित करती है, और यही एक्शन में बेहद खूबसूरती से बदलती है। रोमांस एक हीरो को गरिमा देता है। एक्शन उसे आग देता है। जब गरिमा और आग मिलती हैं, तो यह दर्शकों के लिए एक बेहद शक्तिशाली अनुभव बन जाता है, जिसमें वे अहान का एक बिल्कुल नया पक्ष देखते हैं, जो उन्होंने पहले नहीं देखा। अहान की आँखों में संवेदनशीलता है — और यही एक्शन-रोमांस को प्रभावशाली बनाती है।”
वे आगे जोड़ते हैं, “दर्शक सिर्फ स्क्रीन पर घूंसे चलते हुए नहीं देखना चाहते, वे हर वार के पीछे की भावना और मकसद महसूस करना चाहते हैं। अगर हीरो उस चीज़ के लिए लड़ रहा है, जिस पर वह विश्वास करता है, जिसे वह प्यार करता है और जिसे वह बचाना चाहता है, तो एक्शन के भावनात्मक दांव कई गुना बढ़ जाते हैं। लोग उससे गहरे स्तर पर जुड़ते हैं।”