कोलकाता : फ्री स्कूल स्ट्रीट इलाके में होटल बंद कराने की कार्रवाई के बाद अब प्रशासन की नजर मुकुंदपुर पर पहुंच गई है। शहर के दूसरे ‘मिनी बांग्ला’ के रूप में पहचाने जाने वाले मुकुंदपुर इलाके में होटल और गेस्ट हाउस संचालकों में कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।
यहां बड़ी संख्या में बांग्लादेश से इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के ठहरने की व्यवस्था है। प्रशासन की ओर से बिना वैध लाइसेंस और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई तेज किए जाने के बाद होटल कारोबारियों को बंदी का डर सताने लगा है।
फ्री स्कूल स्ट्रीट अग्निकांड के बाद तेज हुई कार्रवाई
मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक होटल में भीषण आग लगने से नौ लोगों की मौत के बाद कोलकाता में होटल और गेस्ट हाउसों की जांच तेज कर दी गई है। केएमसी और दमकल विभाग ने पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में ऐसे प्रतिष्ठानों को बंद करने के नोटिस जारी किए हैं, जिनमें अग्नि सुरक्षा, भवन नियमों या जरूरी लाइसेंस से जुड़ी कमियां पाई गई हैं।
बांग्लादेशी मरीजों की वजह से मुकुंदपुर में बढ़ा होटल कारोबार
मुकुंदपुर लंबे समय से बांग्लादेश से इलाज के लिए कोलकाता आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए प्रमुख ठहराव केंद्र रहा है। फ्री स्कूल स्ट्रीट और आसपास के होटल बंद होने के बाद इनमें से कई लोगों ने ईएम बाइपास और मुकुंदपुर की ओर रुख किया है।
इससे इलाके के होटल कारोबार को हाल में अतिरिक्त ग्राहक मिले थे, लेकिन अब कार्रवाई की आशंका से संचालक असमंजस में हैं। होटल कारोबारियों का कहना है कि नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन जहां कमियां दूर की जा सकती हैं, वहां तत्काल बंद कराने के बजाय सुधार के लिए समय दिया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, प्रशासन का जोर आग और भवन सुरक्षा मानकों के पालन पर है, ताकि हाल की त्रासदी जैसी घटना दोबारा न हो।