हावड़ा : युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री जिनेश कुमार जी ठाणा-3 के सान्निध्य में उत्तर हावड़ा श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा की ओर से योगक्षेम विहार सभागार में 33वें विकास महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विकास परिषद के सदस्य बनेचंद मालू विशेष रूप से उपस्थित रहे।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री जिनेश कुमार ने आचार्य श्री तुलसी को विकास का शलाका पुरुष बताते हुए कहा कि उन्होंने तेरापंथ धर्मसंघ को शिक्षा, महिला जागरण, अणुव्रत आंदोलन, साहित्य, श्रमण एवं उपासक श्रेणी तथा ज्ञानशाला जैसे अनेक आयाम प्रदान किए। उन्होंने कहा कि विकास का आधार आचार, अप्रमाद, अनुशासन और एक आचार्य का नेतृत्व है।
कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ कन्या मंडल के मंगलाचरण से हुआ। मुनि कुणाल कुमार ने गीत प्रस्तुत किया। अध्यक्ष संदीप डागा ने स्वागत भाषण दिया। महिला मंडल ने समूह गीत और कन्या मंडल ने लघु परिसंवाद प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्रताप सिंह दुगड़, सुजाता दुगड़, बसंत पटावरी, विवेक बांठिया सहित कई पदाधिकारियों ने विचार रखे। कार्यक्रम में उपासक महावीर दुगड़, राजेश विनायिकिया, कोकिला कुंडलिया, हेमा दुगड़ ने अपने पर्युषण यात्रा के अनुभव सुनाते हुए विचार व्यक्त किये।
विवेक दुगड़ व उनकी टीम ने तपस्वी गुलाब जी दुगड़ की तप अनुमोदना में सुमधुर गीत का संगान किया। वहीं तपस्वियों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन मुनि परमानंद ने तथा विनीत कोठारी ने आभार जताया।