कोलकाता : राष्ट्रीय, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्था परिवार मिलन की ओर से साहित्यकार आचार्य ओम नीरव को ‘काव्य वीणा सम्मान 2026’से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान उनकी काव्य-कृति ‘पांखुरी-पांखुरी’ में छंद लालित्य, लयबद्धता, शब्द माधुर्य और अलंकृत शैली के लिए प्रदान किया गया।
सुशील ठाकुर ‘साहिल’ की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में आचार्य नीरव ने संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए छंद की विशेषताओं पर जानकारी दी और अपनी चुनिंदा रचनाओं का पाठ किया। चयन समिति के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी ने पुस्तक चयन की चुनौतियों पर विचार रखे।
मुख्य वक्ता डॉ. रेशमी पांडा मुखर्जी ने कृति की छांदसिक शैली, वैज्ञानिक सोच और भाव-सौंदर्य को रेखांकित किया। समारोह का शुभारंभ चित्रा नेवटिया द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। संस्था की पूर्व अध्यक्ष दुर्गा व्यास ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था का संक्षिप्त परिचय दिया तथा पूर्व सचिव अंजु गुप्ता ने प्रशस्ति पत्र को पढ़ा।
समारोह में महावीर प्रसाद मानकसिया, विनीता मनोत, सुधा चूड़ीवाल, हरिमोहन मरदा, अरुण चूड़ीवाल ने आचार्य नीरव को तिलक, पुष्पहार, शाल, सम्मान-पत्र, श्रीफल, प्रतीक चिह्न एवं 51 हजार रुपये की राशि भेंट की। गौरीशंकर अग्रवाल, अजयेन्द्र त्रिवेदी, बी.के. त्रिपाठी, सुरेश चौधरी, गिरिधर राय, रंजना झा, शशि लाहोटी और उषा श्रीवास्तव सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र कानूनगो ने किया। आयोजन को सफल बनाने में कुलदीप मनोत, आशाराज कानूनगो, राजेश रुंगटा, सुनन्दा रुंगटा, राजेश चतुर्वेदी और अमिता चतुर्वेदी की सक्रिय भूमिका रही।