कोलकाता: बंगाल की औद्योगिक विरासत को इनोवेशन, निवेश और उद्यमिता से जोड़कर राज्य को आर्थिक विकास के नये केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से एसोसिएशन ऑफ कॉर्पोरेट एडवाइजर्स एंड एग्जीक्यूटिव्स (एसीएई) ने अपने वार्षिक सम्मेलन की थीम ‘बंगाल की नई सोच–उद्योग, इनोवेशन और असीमित संभावनाएं’ घोषित की। 22 अगस्त को ताज बंगाल में होने वाले सम्मेलन का उद्घाटन पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर रथींद्र बोस करेंगे।
प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस मीट में एसीएई अध्यक्ष नीरज कुमार हारोदिया ने कहा कि बंगाल की समृद्ध औद्योगिक विरासत को नये जमाने के अवसरों से जोड़कर राज्य को उद्योग, निवेश और उद्यमिता का मजबूत केंद्र बनाया जा सकता है। सम्मेलन में देशभर से 500 से अधिक नीति-निर्माता, उद्योगपति, निवेशक, उद्यमी और पेशेवर शामिल होंगे।
सम्मेलन समिति के चेयरमैन कमल नयन जैन ने बंगाल के आर्थिक इंफ्रास्ट्रक्चर की तुलना मां दुर्गा की शक्ति से करते हुए कहा कि इसकी ‘तीसरी आंख’ के तीन आयाम—इंडस्ट्री, इनोवेशन और इनकॉरपोरेशन राज्य की नई आर्थिक दिशा तय कर सकते हैं।
एसीएई ने दावा किया कि पिछली टीएमसी सरकार के दौरान उद्योग और आर्थिक विकास के लिए संगठन को अपेक्षित प्रशासनिक सहयोग नहीं मिला। संगठन ने कहा कि अब भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार से उसे उम्मीद है कि वह अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करते हुए प्रशासनिक सहयोग देगी। इससे उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देकर राज्य में विकास व समृद्धि लौटाने तथा ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
सम्मेलन में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार, राज्य के वित्त मंत्री डॉ. स्वप्न दासगुप्ता और उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम मंत्री तापस रॉय समेत विधायक डॉ. राजेश कुमार, आनंद मोहन बजाज, मुकुल कानिटकर, मोनिका हालन, उमेश चौधरी, मेहुल मोहंका, उत्सव पारेख, पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता, वेनी थापर, सुधीर केडिया, डॉ. देबाशीष मित्रा और अवाने दुबाश प्रमुख वक्ताओं में होंगे।
एसीएई महासचिव मोहित भुटेरिया, सह-अध्यक्ष वासुदेव अग्रवाल, प्रेस-पब्लिसिटी चेयरमैन जिनेश एस. वंजारा और को-चेयरमैन सीए अनूप कुमार लुहारुका भी प्रेस मीट में मौजूद रहे। 1960 में स्थापित एसीएई के 1,700 से अधिक सदस्य हैं।