फायर सेफ्टी में गंभीर खामियों की जांच तेज
अबू जाफर ने पत्नी के नाम पर लीज पर लिया था होटल
दीपक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : न्यू मार्केट इलाके के उस होटल में लगी भीषण आग की जांच तेज हो गई है, जिसमें नौ लोगों की मौत हुई थी। मामले में होटल के लीजहोल्डर अबू जाफर को डिटेक्टिव डिपार्टमेंट ने बुधवार देर रात इंटाली स्थित एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया। गुरुवार को उसे बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 2 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया।
5 महीने पहले 40 हजार रुपये महीने पर लिया था होटल
पुलिस के अनुसार, जाफर ने करीब 5 महीने पहले ही अपनी पत्नी के नाम पर होटल लीज पर लिया था और इसके लिए वह प्रति माह 40 हजार रुपये किराया देता था। होटल का लीज हर 11 महीने में रिन्यू होने की बात थी। घटना के बाद से उसकी पत्नी फरार है। जाफर मछुआ फलपट्टी इलाके में 32, मदन मोहन बर्मन स्ट्रीट का निवासी है और अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ रहता था।
होटल में नहीं थे पर्याप्त अग्निशमन इंतजाम
जाफर को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पायल बनर्जी की अदालत में पेश किया गया। पुलिस कस्टडी की मांग करते हुए सरकारी वकील अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि शुरुआती जांच में होटल में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। सरकारी वकील के मुताबिक, होटल में पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था नहीं थी और फायर अलार्म भी मौजूद नहीं था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि होटल किन परिस्थितियों में संचालित हो रहा था और सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी के लिए जिम्मेदारी किसकी थी।
मालिक का अब तक पता नहीं
सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि होटल के कथित मालिक बीरेश्वर मित्रा का अब तक पता नहीं चल पाया है। इसके बाद पुलिस ने होटल के लीजहोल्डर के रूप में सामने आए जाफर को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी होटल के संचालन, उसके दस्तावेजों और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े सवालों के जवाब जानने के लिए जाफर से पूछताछ करना चाहती है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि जाफर जांच के दौरान आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने में विफल रहा।
‘होटल के संचालन की पूरी तस्वीर जानना जरूरी’
सरकारी वकील अरूप चक्रवर्ती ने अदालत में कहा कि आग में नौ लोगों की मौत हुई है और इनमें कई मृतक बांग्लादेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि होटल कथित तौर पर जरूरी दस्तावेजों के बिना कॉमर्शियल प्रतिष्ठान के रूप में संचालित हो रहा था। पुलिस ने कहा कि जाफर से हिरासत में पूछताछ के जरिए यह पता लगाना जरूरी है कि होटल कैसे चलाया जा रहा था और आग की घटना से जुड़ी कथित सुरक्षा खामियों के लिए कौन जिम्मेदार है।
बचाव पक्ष ने कहा-जाफर को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता
जाफर की ओर से वकील संदीप घोष और फजल अहमद खान ने जमानत की मांग की। बचाव पक्ष ने दलील दी कि होटल कई दशक पुराना है और समय के साथ इसके कई मालिक बदल चुके हैं। वकील संदीप घोष ने अदालत में कहा कि यह बेहद दुखद है कि आग में इतने लोगों की जान चली गई, लेकिन इसके लिए अकेले जाफर को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने पुलिस से होटल के मालिक का पता लगाकर उसे गिरफ्तार करने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बैंकशाल कोर्ट ने अबू जाफर को 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।