कोलकाता सिटी

कोलकाता में ब्रह्मा कुमारीज एल्गिन सेंटर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित

दसन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कोलकाता स्थित ब्रह्मा कुमारीज एल्गिन सेंटर में 21 मार्च को आदरणीया कानन दीदी की स्मृति में एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्व—इंडस्ट्रियलिस्ट्स, आईपीएस, आईएएस अधिकारी, डॉक्टर, मीडिया प्रतिनिधि एवं समाज के अनेक वर्गों के गणमान्य नागरिक—उपस्थित हुए और नम आंखों से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कानन दीदी

कार्यक्रम में श्री वीरेन्द्र (IPS), पूर्व डीजीपी एवं वर्तमान स्टेट कमिश्नर, RTI ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि कानन दीदी ने उन्हें परमात्मा शिव से जोड़ने का माध्यम बनकर उनके जीवन में एक नई दिशा दी। उन्होंने अत्यंत सरलता और सहजता से राजयोग का मार्ग सिखाया। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि किसी भी परिस्थिति में आत्मिक शक्ति के आधार पर स्थिर और शांत कैसे रहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि दीदी का सान्निध्य जीवनभर एक अमूल्य धरोहर रहेगा।

श्री राजू भरत, ओनर, केनिलवर्थ होटल्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब भी वे कानन दीदी से मिलते थे, उनका शुद्ध, पवित्र और निस्वार्थ प्रेम उन्हें अपने आप ही ईश्वर के घर की ओर आकर्षित करता था। उन्होंने कहा कि दीदी से उन्हें एक बड़ी बहन का स्नेह मिला। उनका वह सदा मुस्कुराता हुआ चेहरा, जो हर किसी का स्वागत करता था, अब हमेशा याद आएगा।

श्री विनोद सिंह, डायरेक्टर, NATMO ने कहा कि ब्रह्मा कुमारीज़ द्वारा सिखाया जाने वाला राजयोग मेडिटेशन उनके जीवन में अत्यंत सहायक रहा है। यह अभ्यास उन्हें हर विपरीत परिस्थिति में शांत, स्थिर और सकारात्मक बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि कानन दीदी के पास जाकर हर जटिल प्रश्न का भी बहुत सहज और स्पष्ट समाधान मिल जाता था, जो उनके अद्भुत आध्यात्मिक ज्ञान और अनुभव को दर्शाता है।

सुश्री नीलू शेर्पा, IPS ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वे ब्रह्माकुमारीज़ के मुख्यालय गई थीं, तब कानन दीदी ने अत्यंत स्नेह और अपनत्व से उनका ध्यान रखा। उन्होंने कहा कि सेवा भाव और निस्वार्थ प्रेम दीदी के स्वभाव की विशेष पहचान थी, जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगी।

सुश्री मंजुला जैन, लेडीज़ फोरम, कलकत्ता चैंबर ऑफ कॉमर्स ने गहरे दुःख के साथ कहा कि कानन दीदी का हमारे बीच से जाना एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि दीदी का स्नेह, मार्गदर्शन और उनकी सकारात्मक ऊर्जा हमेशा प्रेरणा देती रहेगी, और वे उन्हें सदा याद करेंगी।

इस अवसर पर बीके मुन्नी दीदी, सीनियर सिस्टर, ब्रह्मा कुमारीज़, एल्गिन सेंटर ने कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि हम कानन दीदी की दी हुई शिक्षाओं को अपने जीवन में धारण करें और उनके आदर्शों पर चलें।

वहीं बीके माधुरी, इंचार्ज, ब्रह्मा कुमारीज़, एल्गिन सेंटर ने कहा कि कानन दीदी अपने जीवन के माध्यम से हमें जीने की सच्ची कला सिखाकर गई हैं। उन्होंने सिखाया कि कैसे हम सभी के प्रति शुभ भावना रखें, क्षमा करना सीखें, बीती बातों को न पकड़ें और हल्के तथा सहज बनकर जीवन जिएं। कानन दीदी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सुप्रिया बहन ने कहा कि जीवन ऐसे जियो… कि हर पल एक सुंदर तस्वीर बन जाए…और जब समय आए… तो उस तस्वीर को पकड़कर नहीं…बल्कि हल्का होकर आगे बढ़ सकें…” उन्होंने दीदी के जीवन को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने हर पल को सेवा, प्रेम और शांति के साथ जिया और आज वही सुंदर संस्कार हमारी यादों में जीवंत हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ब्रह्माकुमारीज के अनुसार जीना भी एक कला है और अव्यक्त होना भी एक कला है, और कानन दीदी ने अपने जीवन से हमें यह दोनों कलाएँ सिखाई हैं।” कार्यक्रम के अंत में लगभग 100 से अधिक वीआईपी अतिथियों ने नम आंखों से कानन दीदी को श्रद्धांजलि अर्पित की और संकल्प लिया कि वे ब्रह्मा कुमारीज़ के साथ मिलकर ईश्वरीय सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अपना योगदान देंगे। पूरा वातावरण श्रद्धा, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा।

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