कोलकाता : पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में स्थित मंदारमनी समुद्र तट के करीब 2 किलोमीटर हिस्से को प्रशासन ने समुद्र में नहाने के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। इस इलाके को खतरनाक मानते हुए ‘रेड जोन’ घोषित किया गया है।
प्रशासन के अनुसार, घाट नंबर 3 के पास करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में बांस के खंभे लगाकर रस्सी और लाल फीते से बैरिकेडिंग की गई है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को समुद्र के खतरनाक हिस्से में जाने से रोकना है।
यह कदम हाल के दिनों में मंदारमनी में हुई कई दुर्घटनाओं के बाद उठाया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले एक महीने में समुद्र में डूबने से कम से कम 5 पर्यटकों की मौत हुई है। बार-बार चेतावनी के बावजूद कुछ पर्यटकों के समुद्र में जोखिम वाले हिस्सों में जाने को लेकर प्रशासन चिंतित है।
पूजा के मौसम में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई जा रही है। पूर्व मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, पर्यटन स्थलों पर पुलिस, सिविक वॉलंटियर और रेस्क्यू टीमों की संख्या लगभग 60-65 से बढ़ाकर 100 की जा रही है। इन कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
इसके अलावा दीघा समुद्र तट पर भी सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। वहां पुलिस, सिविक वॉलंटियर, बचाव दल और नुलिया की संख्या बढ़ाने के साथ नई स्पीडबोट भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से भी अपील की है कि वे समुद्र में जाते समय सावधानी बरतें और निर्धारित सुरक्षित सीमा का उल्लंघन न करें।