कोलकाता : राज्य की भाजपा सरकार ने अपने पहले पूर्ण बजट में किसानों के लिए राहत, प्रोत्साहन और आय बढ़ाने पर खास जोर दिया है। सोमवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कृषि क्षेत्र के लिए 8565.84 करोड़ रुपये के बड़े आवंटन का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही कृषि विपणन विभाग के लिए 364.99 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई। बजट में किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत घटाने, फसल का बेहतर दाम दिलाने और कृषि क्षेत्र को तकनीक से जोड़ने के लिए कई अहम कदमों का ऐलान किया गया।
बंगाल में लागू होगा डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन
वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों को सरकारी सुविधाएं आसानी से दिलाने के लिए राज्य में 'डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन' लागू किया जाएगा। इसके तहत भारतीय रिजर्व बैंक के साथ मिलकर डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड व्यवस्था शुरू करने का प्रस्ताव है। इससे कृषि ऋण की मंजूरी की समयसीमा 15 दिन से घटकर 15 मिनट हो जाएगी। एपीआई आधारित भूमि जानकारी के जरिए कागजरहित ऋण स्वीकृति भी संभव होगी। तंतु खेती के आधुनिकीकरण और तंतु उत्पादों के प्रसंस्करण के लिए नेशनल फाइबर मिशन भी शुरू किया जाएगा।
सिंचाई, सब्सिडी और पीएम-किसान पर अतिरिक्त मदद
दो हेक्टेयर तक खेती योग्य जमीन वाले किसानों के लिए PMKSY-PDMC योजना के तहत बड़ी राहत दी गई है। पात्र किसानों को परियोजना लागत का सिर्फ 10 प्रतिशत देना होगा, बाकी हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाएंगी। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। सिंचाई में इस्तेमाल होने वाले सबमर्सिबल पंपों की बिजली पर 2 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा पीएम-किसान के तहत मिलने वाले 6,000 रुपये के ऊपर राज्य सरकार हर किसान परिवार को 3,000 रुपये अतिरिक्त देगी।
फसल बीमा, धान और आलू किसानों पर खास फोकस
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि 2026 खरीफ सीजन से सभी फसलों को बीमा सुरक्षा के दायरे में लाया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बजट के बाद कहा कि धान पर 200 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा और इसे आगे बढ़ाकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल तक ले जाने का लक्ष्य है। आलू किसानों के लिए भी विशेष पैकेज की घोषणा की गई है, जिसके तहत उन्हें प्रति क्विंटल 200 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि किसानों के हित में आगे भी चरणबद्ध तरीके से और फैसले लिए जाएंगे।