कोलकाता : राज्य सरकार ने उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए 51 सरकारी आईटीआई संस्थानों के आधुनिकीकरण और उन्हें उद्योग समूहों से जोड़ने की योजना की घोषणा की है।
विश्व एमएसएमई दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि इन संस्थानों का संचालन पीपीपी मॉडल के तहत प्रमुख औद्योगिक समूहों के सहयोग से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पांच वर्ष के समझौते के तहत उद्योग अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करेंगे। इससे उद्योगों को कुशल श्रमिक मिलेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। टाटा सहित प्रमुख कॉरपोरेट समूहों के सहयोग से आईटीआई संस्थानों के बुनियादी ढांचे को भी आधुनिक बनाया जाएगा।
मंत्री ने उद्योगपतियों से राज्य में निवेश बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार बेहतर औद्योगिक माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि नई भाजपा सरकार ने पूंजीगत व्यय का बजट 22 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 72 हजार करोड़ रुपये कर दिया है। उनका आरोप था कि पिछली सरकारों के कारण राज्य कई केंद्रीय योजनाओं से वंचित रहा।
अब केंद्र और राज्य के समन्वय से विकास कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य 'प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना', 'पीएम सेतु' तथा अन्य केंद्रीय कौशल विकास योजनाओं से जुड़ चुका है। इसके तहत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए अगले 15 दिनों में उद्योग संगठनों के साथ बैठक भी होगी।