कोलकाता : फ्री स्कूल स्ट्रीट स्थित एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बंद किए गए करीब 50 होटल दोबारा खुल गए हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन होटलों में फिर से कारोबार शुरू हुआ है।
इस अग्निकांड में नौ लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने शहर के होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी थी। इस कार्रवाई से मध्य कोलकाता के होटल कारोबार पर व्यापक असर पड़ा था।
नौ लोगों की मौत के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई
19 अगस्त को फ्री स्कूल स्ट्रीट इलाके के एक होटल में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। हादसे में नौ लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद कोलकाता नगर निगम और दमकल विभाग ने विभिन्न होटलों और गेस्ट हाउसों का निरीक्षण शुरू किया।
जांच के दौरान अग्निशमन उपकरणों की कमी, भवन नियमों के उल्लंघन और जरूरी प्रमाणपत्रों से जुड़ी खामियों को लेकर कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
होटल कारोबार पर पड़ा व्यापक असर
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान मध्य कोलकाता के न्यू मार्केट, मिर्जा गालिब स्ट्रीट, लिंडसे स्ट्रीट, मार्क्विस स्ट्रीट और सदर स्ट्रीट जैसे इलाकों के कई होटल प्रभावित हुए। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को बंद करने के निर्देश दिए गए थे।
इससे होटल मालिकों, कर्मचारियों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कारोबारियों के सामने रोजगार और आर्थिक नुकसान की चिंता भी खड़ी हो गई थी।
हाईकोर्ट के आदेश से मिली राहत
कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद 50 होटलों के दोबारा खुलने से संबंधित कारोबारियों को राहत मिली है। हालांकि, अग्निकांड के बाद प्रशासन का मुख्य जोर अग्नि सुरक्षा और भवन संबंधी नियमों के पालन पर बना हुआ है।
होटल संचालकों के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम और वैध दस्तावेज सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर शहर के होटल उद्योग में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच और नियमों के सख्त अनुपालन की जरूरत को रेखांकित किया है।