अम्हर्स्ट स्ट्रीट थाने की पुलिस ने पर्णश्री इलाके से किया उद्धार
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : गोल्ड लोन दिलाने के बहाने एक लोन एजेंट और उसके साथी को पर्णश्री इलाके में बुलाकर कथित तौर पर बंधक बनाने और उनकी रिहाई के एवज में डेढ़ लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बंधक बनाए जाने के बाद आरोपियों ने पहले दोनों से 10 हजार और 30 हजार रुपये लिए। इसके बाद एक पीड़ित की पत्नी को फोन कर डेढ़ लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। शिकायत मिलने के बाद अम्हर्स्ट स्ट्रीट थाने की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों बंधकों को मुक्त कराया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रकाश दास, सौरभ मालाकार, शिवशंकर मालाकार, जोसेफ और एक अन्य व्यक्ति के रूप में हुई है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को पीड़ित को गोल्ड लोन दिलाने के बहाने पर्णश्री इलाके में बुलाया गया था। पीड़ित सोने का काम करता है और उसके साथ उसका लोन एजेंट भी वहां पहुंचा था। आरोप है कि दोनों को एक मकान में ले जाकर बंधक बना लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने दोनों से कथित तौर पर पहले 10 हजार रुपये और फिर 30 हजार रुपये वसूले। इतना ही नहीं, दोनों को बंधक बनाए रखने के दौरान एक पीड़ित की पत्नी को फोन किया गया और उनकी रिहाई के बदले डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई।
पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई
पति को बंधक बनाए जाने की जानकारी मिलने के बाद महिला अम्हर्स्ट स्ट्रीट थाने पहुंची और पुलिस को पूरी घटना बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाने के ओसी राजीव चट्टोपाध्याय ने पुलिस टीम को तत्काल कार्रवाई के लिए भेजा। पुलिस ने पर्णश्री इलाके में पहुंचकर कथित तौर पर बंधक बनाए गए दोनों व्यक्तियों को मुक्त कराया और मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती तौर पर घटनास्थल को बेहला इलाके में बताया गया था, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि मामला पर्णश्री थाना क्षेत्र का है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। सरकारी वकील ने अदालत में बताया कि आरोपियों पर दो लोगों को बंधक बनाकर फिरौती मांगने का आरोप है। मामले की तह तक पहुंचने और आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत की मांग की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पांचों आरोपियों को 11 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गोल्ड लोन के नाम पर दोनों को बुलाने की साजिश कैसे रची गई और इस मामले में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी।