कोलकाता : खिदिरपुर इलाके में बंदरगाह की अवैध तरीके से तस्वीर खींचने और जाली नोट से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने चार लोगों को दोषी ठहराते हुए सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला शुक्रवार को कोलकाता सिटी सेशंस कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुकुमार राय ने सुनाया। सजा पाने वालों में शेख बादल, एजाज अहमद, मोहम्मद जहांगीर और अफसर अंसारी शामिल हैं। कोर्ट ने शेख बादल को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त तीन महीने की सजा काटनी होगी। वहीं एजाज अहमद, मोहम्मद जहांगीर और अफसर अंसारी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है। सूत्रों के अनुसार, एजाज अहमद पाकिस्तान का नागरिक है। अदालत ने सजा पूरी होने के बाद उसे पाकिस्तान भेजने का निर्देश दिया है। सरकारी वकील अभिजीत बनर्जी और विश्वजीत ठाकुरता ने बताया कि वर्ष 2015 में एसटीएफ ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान इरशाद अंसारी नामक एक आरोपित की मृत्यु हो गई।
सरकारी वकील के अनुसार, आरोपितों को खिदिरपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से पांच लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए थे। उन पर कोलकाता पोर्ट की तस्वीरें खींचकर पाकिस्तान भेजने का भी आरोप है।
इस मामले में कुल 20 गवाहों ने अदालत में गवाही दी। अदालत ने शुक्रवार को इस बहुचर्चित मामले में अपना फैसला सुनाया।