कोलकाता: गांजा तस्करी के एक मामले में सोमवार को अलीपुर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने महिला समेत चार आरोपितों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दो साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत के अनुसार, यह घटना 22 नवंबर 2024 को बारुईपुर के कैनिंग रोड पर हुई थी। सरकारी वकील अमल कुमार पाल ने बताया कि उस दिन इलाके में नाका चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान एक बड़ी कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें गाड़ी के अंदर छिपाकर रखा गया 120 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद किया गया।
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गांजा ओडिशा से लाकर कोलकाता में तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। मौके पर ही कार्तिक नस्कर, सौविक वैद्य, देवनाथ नस्कर और बसंती सेनापति को गिरफ्तार किया गया। बसंती सेनापति ओडिशा की निवासी बताई गई है। इसके अलावा पुलिस ने वाहन से 1 लाख 88 हजार रुपये नकद भी बरामद किए थे। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में अदालत में कुल आठ गवाहों ने बयान दर्ज कराए। सबूतों और गवाहियों के आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीननाथ प्रसाद ने चारों आरोपितों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई।