नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में बड़ा दावा किया है। एजेंसी के अनुसार, सेन की कंपनी Octave Records के बैंक खाते से करीब ₹30 लाख बैंकिंग माध्यम के जरिए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे। हालांकि, ईडी की प्रेस विज्ञप्ति में इस लेन-देन को अपने आप में कोई आपराधिक कृत्य नहीं बताया गया है।
ईडी के मुताबिक, जांच के दौरान इंद्रनील सेन और उनकी प्रोपराइटरशिप फर्म Octave Records से जुड़े बैंक खातों में उनके मंत्री पद पर रहते हुए ₹3.8 करोड़ से अधिक नकद जमा होने की जानकारी सामने आई। एजेंसी ने बताया कि Octave Records के खाते से ममता बनर्जी को लगभग ₹30 लाख का भुगतान किया गया था। ईडी के अनुसार, पूछताछ के दौरान सेन ने इस राशि को “रॉयल्टी” के तौर पर भुगतान किए जाने की बात कही।
यह जांच MassArt (Mahanirban Road Mass Art) Society से जुड़े मामले में चल रही है। ईडी के अनुसार, इंद्रनील सेन की पत्नी मधुचंदा सेन और अन्य लोगों द्वारा प्रचारित इस संस्था पर दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित ‘Preview Shows’ के नाम पर लोगों से कथित तौर पर धन जुटाने के आरोप हैं।
जांच एजेंसी का दावा है कि संस्था ने खुद को UNESCO से जुड़ी या उसके समर्थन वाली संस्था के तौर पर पेश किया और इस आधार पर लोगों को टिकट बेचे। कथित तौर पर इन टिकटों की कीमत ₹1,749 से ₹5,499 तक थी। ईडी के अनुसार, वर्ष 2023 और 2024 में ऐसे एक लाख से अधिक टिकट जारी किए गए और प्राप्त रकम का कथित तौर पर नकद निकासी या ‘miscellaneous expenses’ के नाम पर इस्तेमाल किया गया।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि दुर्गा पूजा के ‘Preview Shows’ को व्यवस्थित तरीके से व्यावसायिक गतिविधि में बदला गया और UNESCO के नाम, लोगो तथा प्रतिष्ठा का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया।
इस मामले में ईडी ने इस सप्ताह इंद्रनील सेन से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली और उनसे कोलकाता स्थित अपने कार्यालय में पूछताछ भी की।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रवक्ता साकेत गोखले ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए एजेंसी पर राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ईडी के ज्यादातर राजनीतिक मामले विपक्षी नेताओं से जुड़े हैं।
मामले में फिलहाल ईडी की जांच जारी है। ₹30 लाख के भुगतान को लेकर सेन द्वारा बताई गई ‘रॉयल्टी’ की प्रकृति और उससे जुड़े दस्तावेज जांच का हिस्सा हैं।