मधुर, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय आकाश ऑडी की मौत के बाद उनके परिवार ने अंगदान का फैसला लेकर मानवता की मिसाल पेश की। आकाश कोलकाता के बेलियाघाटा इलाके के रहने वाले थे और फूड डिलीवरी का काम करते थे। 30 जुलाई को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका इलाज चल रहा था। 22 अगस्त को उनकी मौत हो गई।आकाश के पिता रेवरेन्ड देवाशीष ऑडी ने बताया कि बेटे की मौत के बाद एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग के प्रमुख डॉ. रजत चक्रवर्ती ने उन्हें अंगदान पर विचार करने की सलाह दी। परिवार ने पहले आपस में चर्चा की और इसके बाद ईसाई समुदाय से जुड़े लोगों से भी राय ली। अंततः परिवार ने आकाश के अंगदान का निर्णय लिया।
कई मरीजों को मिलेगी नई जिंदगी
अंगदान के तहत आकाश की एक किडनी एसएसकेएम अस्पताल में 28 वर्षीय मरीज को प्रत्यारोपित की जाएगी, जबकि दूसरी किडनी फोर्टिस अस्पताल के 48 वर्षीय मरीज के लिए आवंटित की गई है। इसके अलावा आकाश की त्वचा और कॉर्निया एसएसकेएम अस्पताल में उपयोग किए जाएंगे। इस तरह एक युवा की मृत्यु के बाद उसके अंग कई जरूरतमंद मरीजों के जीवन में उम्मीद की नई किरण लेकर आएंगे।
‘बेटे को खोने का दर्द कभी नहीं भरेगा’
आकाश के पिता देवाशीष ऑडी ने कहा कि बेटे को खोने का दर्द परिवार के लिए कभी खत्म नहीं होगा। लेकिन उनके अंगों से दूसरे लोगों को जीवन मिलने से उन्हें कुछ सांत्वना मिलेगी। उन्होंने कहा, 'बेटे को खोने का दर्द कभी नहीं भरा जा सकता, लेकिन दूसरों को जिंदगी देकर हमारे बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी।'