13 hotels and rstaurant are show caused by fire department 
कोलकाता सिटी

मिर्जा गालिब स्ट्रीट के 13 होटल-रेस्तरां पर दमकल विभाग का शिकंजा

फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी पर 24 घंटे में जवाब तलब

संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो बंद हो सकते हैं प्रतिष्ठान

दीपक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : मध्य कोलकाता के घनी आबादी वाले मिर्जा गालिब स्ट्रीट, फ्री स्कूल स्ट्रीट और सदर स्ट्रीट इलाके में अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग ने नौ गेस्ट हाउस और चार रेस्तरां-कम-बार समेत 13 प्रतिष्ठानों को शो-कॉज नोटिस जारी की है। इन प्रतिष्ठानों को 24 घंटे के भीतर यह बताने को कहा गया है कि अग्नि सुरक्षा मानकों का कथित रूप से पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ बंदी का आदेश क्यों नहीं जारी किया जाए।

संतोषजनक जवाब नहीं तो बंदी का आदेश

नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि प्रतिष्ठानों की ओर से संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो पश्चिम बंगाल फायर सर्विसेज एक्ट की धारा 37ए के तहत बंदी की कार्रवाई की जा सकती है। विभाग और कोलकाता नगर निगम की संयुक्त टीमें इलाके में लगातार निरीक्षण कर रही हैं।

इन 13 प्रतिष्ठानों को नोटिस

नोटिस पाने वाले नौ गेस्ट हाउस हैं, गुलिस्तान गेस्ट हाउस, होटल जापान, होटल रॉयल पैलेस, एम्पायर गेस्ट हाउस, कॉन्टिनेंटल गेस्ट हाउस, सडन इन, न्यू सुपर गेस्ट हाउस, विमान लॉज और भागीरथी गेस्ट हाउस। इसके अलावा चार रेस्तरां-कम-बार में द भोज कंपनी, सुपर फ्राइड चिकन, मारिया रेस्तरां और सुपर पब बार शामिल हैं।

कागजों में सुरक्षा, जमीन पर कई खामियां

निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्र तो अपडेट मिले। कुछ जगह हाल में उनकी जांच और CO₂ रिफिलिंग भी हुई थी। लेकिन कई होटल-गेस्ट हाउस में फायर हाइड्रेंट, अलार्म और स्मोक डिटेक्टर जैसी जरूरी व्यवस्थाएं नदारद मिलीं।

गुलिस्तान गेस्ट हाउस में सीढ़ियों पर बने कमरे

30एफ मिर्जा गालिब स्ट्रीट की पहली मंजिल के एक हिस्से में करीब 30 कमरों वाले गुलिस्तान गेस्ट हाउस में बुधवार को फायर निरीक्षण के दौरान हाइड्रेंट पाइप फटने की बात सामने आई। इसके बाद निरीक्षण में सीढ़ियों की लैंडिंग पर कमरे बनाए जाने और कई कमरों में खराब वेंटिलेशन की शिकायतें भी सामने आईं। गेस्ट हाउस के मालिक रिफात खान ने दावा किया कि प्रतिष्ठान को 2011 से फायर विभाग का एनओसी मिला हुआ है। उनका कहना था कि बुधवार को कुछ गड़बड़ी हुई थी, जिसे ठीक कर दिया गया है। उन्होंने फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर होने तथा सभी जरूरी दस्तावेज विभाग को सौंपे जाने की बात कही।

रॉयल पैलेस में खिड़कियां बंद, गलियारे संकरे

इसी इमारत की पहली मंजिल के दूसरे हिस्से में संचालित होटल रॉयल पैलेस में करीब 20 कमरे हैं। निरीक्षण के दौरान कई कमरों में खिड़कियां नहीं मिलीं, जबकि कुछ खिड़कियां बंद या सील नजर आईं। होटल में फॉल्स सीलिंग भी पाई गई। होटल प्रबंधन के अनुसार यहां नॉन-एसी कमरों का किराया 700 रुपये और एसी कमरों का किराया 1,000 से 1,200 रुपये के बीच है। एक अतिथि ने संकरे गलियारे, छोटी सीढ़ियों और एक ही प्रवेश मार्ग को लेकर चिंता जताई। उसके मुताबिक आग लगने की स्थिति में लोगों के लिए तेजी से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो सकता है।

न्यू सुपर गेस्ट हाउस में इमरजेंसी एग्जिट का चौंकाने वाला दावा

छह कमरों वाले न्यू सुपर गेस्ट हाउस के मैनेजर ने स्वीकार किया कि वहां फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर नहीं हैं। हालांकि उन्होंने जरूरी फायर क्लियरेंस होने का दावा किया। सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब इमरजेंसी एग्जिट के बारे में पूछे जाने पर एक कर्मचारी ने सीढ़ियों की लैंडिंग की एक खिड़की की ओर इशारा किया। उसका कहना था कि आग लगने पर लोगों को खिड़की से निकलकर बाहर दुकान की एस्बेस्टस छत पर कूदना होगा।

दमकल मुख्यालय के सामने रेस्तरां में भी सुरक्षा इंतजाम नहीं

मारिया रेस्तरां की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली रही। फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के मुख्यालय के लगभग सामने स्थित इस रेस्तरां के मैनेजर अमीर शाहिद ने माना कि वहां फायर सेफ्टी उपकरण और फायर लाइसेंस तक नहीं है। उन्होंने बताया कि यह करीब 30 साल पुराना प्रतिष्ठान है, लेकिन पिछले छह वर्षों में इसका विस्तार किया गया। रेस्तरां में खाना पकाने के लिए अब भी बड़े पैमाने पर चारकोल ओवन का इस्तेमाल होता है। प्रबंधन ने भविष्य में अग्निशमन उपकरण लगाने की बात कही।

द भोज कंपनी ने कार्रवाई पर जताई आपत्ति

द भोज कंपनी ने खुद को नोटिस पाने वाले प्रतिष्ठानों में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई। वरिष्ठ प्रबंधक के मुताबिक रेस्तरां में दो निकास द्वार हैं, हाल में फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर लगाए गए हैं और कई जगह नए अग्निशमन यंत्र भी रखे गए हैं। उनका दावा है कि प्रतिष्ठान के पास जरूरी फायर क्लियरेंस मौजूद हैं और इन्हें अधिकारियों के सामने पेश किया जाएगा।

बजट होटलों की बढ़ती संख्या बनी चिंता

मिर्जा गालिब स्ट्रीट, फ्री स्कूल स्ट्रीट और सदर स्ट्रीट इलाके में कम किराये वाले होटल और गेस्ट हाउस बड़ी संख्या में पर्यटकों और दूसरे यात्रियों को आकर्षित करते हैं लेकिन निरीक्षण में सामने आई खामियों ने कम किराये की सुविधा के पीछे छिपे सुरक्षा जोखिमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि कई बजट होटलों में संकरे गलियारे, सीमित सीढ़ियां, खराब वेंटिलेशन और अपर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था आपात स्थिति में इन्हें खतरनाक बना सकती है।

निगम और दमकल विभाग की संयुक्त जांच तेज

दमकल विभाग और कोलकाता नगर निगम की टीमें अब इलाके में होटल और रेस्तरां की सीढ़ियों की चौड़ाई, प्रवेश-निकास की संख्या, वेंटिलेशन और अग्निशमन व्यवस्था की जांच कर रही हैं। नेली सेनगुप्ता सरणी स्थित गुजराल होटल में भी निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कमरों में अपर्याप्त वेंटिलेशन और दूसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए केवल एक सीढ़ी होने पर सवाल उठाए।

24 घंटे में तय होगी आगे की कार्रवाई

मिर्जा गालिब स्ट्रीट में हुई कार्रवाई ने मध्य कोलकाता के पुराने और घने भवनों में चल रहे बजट होटल-रेस्तरां की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें उन 13 प्रतिष्ठानों के जवाब पर हैं जिन्हें 24 घंटे की मोहलत दी गई है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर फायर विभाग बंदी का आदेश जारी कर सकता है। सवाल सिर्फ नियमों के पालन का नहीं, बल्कि आपात स्थिति में सैकड़ों लोगों की जान बचाने की तैयारी का है।

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