धनबाद के सोनारडीह टांडा बस्ती में एक महीने में तीसरी बार फटी जमीन चित्र इंटरनेट से साभार
झारखंड

धनबाद के सोनारडीह टांडा बस्ती में एक महीने में तीसरी बार फटी जमीन, 25 घर समा गए

धनबाद : झारखंड में धनबाद जिले के बाघमारा-कतरास के सोनारडीह स्थित टांडाबस्ती में गुरुवार की देर रात तबाही ने एक बार फिर दस्तक दी। महज एक महीने के भीतर तीसरी बार हुए भीषण भू-धंसान ने पूरी बस्ती को उजाड़ कर रख दिया है । देर रात जब लोग गहरी नींद में थे, तभी एक जोरदार धमाके के साथ जमीन फटी और देखते ही देखते 20 से 25 आशियाने पाताल में समा गए । इस घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई । लोग अपने मासूम बच्चों और बुजुर्गों को लेकर जान बचाने के लिए बदहवास भागते नजर आए ।

एक महिला ने फंसे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला

हादसे के दौरान टांडा बस्ती की जया कुमारी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना मलबे में फंसे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना में सूरज राम, उनकी मां, बहन और भांजा घायल हुए हैं। सूरज के भांजे के दोनों पैर गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं, जिनका उपचार अस्पताल में चल रहा है ।

दर्जनों के घर तबाह

भू-धंसान की इस त्रासदीमें बाघमारा की प्रखंड प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया का घर भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा सुनील हाड़ी, राजकुमार राय, दुर्गा हाड़ी, निरंजन राम, दीपक राम और दिलीप राम के घर अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, जीवन भर की गाढ़ी कमाई कुछ ही पलों में मिट्टी में मिल गई।

तीसरी बार हादसा

इससे पहले 30 मार्च को हुए धंसान में तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि एक दिन पहले बुधवार को भी भू धसान की घटना हुई जिसमें कई लोगों के घर जमीन में समा गए । लेकिन प्रशासन ने इससे कोई सबक नहीं लिया।

सड़क पर रात गुजारने की विवशता

घर खोने के बाद सैकड़ों लोगों ने एनएच-32 (फोरलेन) पर शरण ली है। प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा, घंटों जाम रहा एनएच-32 घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एनएच-32 फोरलेन को जाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही डीएसपी पुरुषोत्तम कुमार सिंह समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। काफी देर बाद बीसीसीएल गोविंदपुर क्षेत्र के जीएम विजय कुमार भी पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण उन्हें तीखी बहस का सामना करना पड़ा । करीब रात 2 बजे पुलिस के काफी समझाने के बाद जाम हटाया गया।

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