रांची : झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों-सह-उपायुक्तों को भेजे गए एक पत्र में कहा कि SIR अभियान के मद्देनजर कई जिलों से विभिन्न माध्यमों के जरिए फर्जी प्रमाणपत्र तैयार किए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं।
कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के प्रावधानों के तहत तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि कोई भी नागरिक SIR के उद्देश्य से फर्जी या अनधिकृत दस्तावेज प्राप्त न करे।
झारखंड में SIR का कार्य 30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाएंगे।
विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य में SIR के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है। यह 20 जून से शुरू हुआ है और 29 जून तक जारी रहेगा।
CEO कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने बताया कि मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन पांच अगस्त को किया जाएगा तथा इस पर दावे और आपत्तियां पांच अगस्त से चार सितंबर तक स्वीकार की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन सात अक्टूबर को किया जाएगा।
कुमार ने कहा, इस विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम उसमें शामिल न हो।
उन्होंने बताया कि 30 जून को पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक ‘चुनाव पाठशाला’ और ‘मतदाता जागरूकता मंचों’ के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से SIR प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि इससे राज्य में पूर्णतः सटीक, त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने में मदद मिलेगी।