जमशेदपुर: देश की आर्थिक मजबूती और औद्योगिक विकास के लिए झारखंड की खनिज संपदा का समुचित उपयोग बेहद आवश्यक है। राज्य में नई खदानों के संचालन से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
आने वाले समय में तांबा, कोयला और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी कई नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। उक्त बातें केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री Satish Chandra Dubey ने कहीं। वे जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित चैंबर भवन में प्रधानमंत्री के रूप में Narendra Modi के सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड के अवसर पर भाजपा द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
सम्मेलन का विषय “12 साल विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के” रखा गया था। इस दौरान केंद्र सरकार की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकसित भारत के लक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की गई।
केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की शासन व्यवस्था और विकास की सोच में व्यापक बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना के साथ सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, वंचितों और जनजातीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती और औद्योगिक विकास के लिए झारखंड की खनिज संपदा का समुचित उपयोग बेहद आवश्यक है। राज्य में नई खदानों के संचालन से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तांबा, कोयला और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी कई नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। सतीश चंद्र दुबे ने लंबे समय से बंद पड़ी केंदाडीह कॉपर खदान के दोबारा शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में तांबा देश के औद्योगिक और तकनीकी विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज है।
इस पहल के लिए उन्होंने जमशेदपुर सांसद Bidyut Baran Mahato के प्रयासों की सराहना की।
केंद्रीय मंत्री ने कोल गैसीकरण परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 37,500 करोड़ रुपये का विशेष कोष निर्धारित किया है।
उन्होंने जानकारी दी कि निवेश आकर्षित करने के लिए देश के विभिन्न शहरों में रोड शो आयोजित किए जा रहे हैं। हैदराबाद में एक कार्यक्रम आयोजित हो चुका है, जबकि महाराष्ट्र और दिल्ली में भी ऐसे आयोजन प्रस्तावित हैं।
कहा कि खनन और औद्योगिक परियोजनाओं के मामले में कोई भी राज्य उपेक्षित नहीं रहेगा। जो राज्य सरकारें विकास और निवेश को लेकर सकारात्मक पहल करेंगी, उन्हें केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बाद कंपनियों को आमंत्रित कर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।