जेएलकेएम के नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर हैं 
झारखंड

झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ 13 दिन से आंदोलन तेज

विपक्ष ने विधानसभा में प्रदर्शन कर CBI जांच और 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग दोहराई

रांची : झारखंड में परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन बृहस्पतिवार को और तेज हो गया। आंदोलन के समर्थन में विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। पिछले 13 दिनों से जारी इस आंदोलन में अब छह प्रदर्शनकारी आमरण अनशन पर हैं।

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई को जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले शुरू हुआ यह आंदोलन हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बनकर उभरा है।

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने तथा भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्वतंत्र पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं।

विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की।

विधायकों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने आरोप लगाया कि सरकार झारखंड के युवाओं के भविष्य का ‘सौदा’ कर रही है। उन्होंने कहा, सरकार ने एक समिति गठित की है, लेकिन उसे यह समझना चाहिए कि उसकी सीआईडी और समिति पर किसी को भरोसा नहीं है। मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।

कोडरमा से भाजपा विधायक नीरा यादव ने नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर दिल्ली में हुए आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा, दिल्ली में आंदोलन के दौरान कांग्रेस का रवैया कुछ और होता है, जबकि झारखंड में वही पार्टी अलग रुख अपनाती है। इस आंदोलन के कारण अंततः धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार की सहयोगी कांग्रेस ने भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपना समर्थन दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा राष्ट्रीय समस्या है और उन्होंने गतिरोध समाप्त करने के लिए बातचीत की पेशकश की।

भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा, मैं उन छात्रों का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने सकारात्मक रुख अपनाया है। आज सार्थक बातचीत संभव है।

छात्र संगठनों द्वारा सात और दस अगस्त को विधानसभा घेराव के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने छह से 12 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

इस बीच, प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की अपनी मांग पर अड़े रहे।

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर हैं और उनके समर्थन में दो महिलाओं सहित पांच अन्य प्रदर्शनकारी भी अनशन पर बैठ गए। महतो के रक्त शर्करा और रक्तचाप का स्तर काफी गिर जाने से उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई।

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