नक्सल विरोधी अभियान -
झारखंड

हजारीबाग में माओवादी मोर्चे पर बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में सहदेव महतो समेत 4 उग्रवादी ढेर

सहदेव महतो की मौत से माओवादी मोर्चे पर बड़ा झटका

हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले में शुक्रवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ केरेडारी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत बटुका वन क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद हुई। मारे गए उग्रवादियों में से एक की पहचान सहदेव महतो के रूप में हुई है, जिस पर 15 लाख रुपये का इनाम था। सहदेव महतो के खिलाफ कुल 42 मामला दर्ज थे और चाईबासा जेल ब्रेक का अभियुक्त था।

मारे गए बाकी तीन नक्सलियों की पहचान 10 लाख का इनामी जोनल कमेटी सदस्य रंजीत गंझू (9 मामले दर्ज), सहदेव महतो की पत्नी और सब-जोनल कमेटी सदस्य नताशा (17 मामले दर्ज) और 1 लाख का इनामी एरिया कमांडर बुधन करमाली (10 मामले दर्ज) के रूप में हुई है। इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन कोटिनीर' के तहत अंजाम दिया गया, जिससे हजारीबाग-चतरा सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय माओवादी दस्ते को करारा झटका लगा है।

बड़कागांव के SDPO पवन कुमार ने कहा, गोलीबारी में चार माओवादी मारे गए हैं। अभियान में कोई भी सुरक्षाकर्मी घायल नहीं हुआ है।

यह घटनाक्रम झारखंड के पश्चिम सिंहभूम में 15 अप्रैल को मिसिर बेसरा के नेतृत्व वाले माओवादी दस्ते और पुलिसकर्मियों के बीच हुई भीषण गोलीबारी के बाद सामने आया है। मिसिर बेसरा पर एक करोड़ रुपये का इनाम है। इस मुठभेड़ में चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे।

केंद्र सरकार पहले ही राज्य सरकारों को सूचित कर चुकी है कि भारत में वामपंथी उग्रवाद (LWE) की शुरुआत के पांच दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद देश में कोई भी नक्सली हिंसा प्रभावित जिला नहीं है।

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