रांची : झारखंड आपराधिक जांच विभाग (CID) ने हजारीबाग कोषागार घोटाले के सिलसिले में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने कहा कि इस मामले में अब तक 6 लोग गिरफ्तार किये जा चुके हैं।
झारखंड सरकार के आदेशानुसार, CID हजारीबाग कोषागार से अवैध रूप से धन निकासी से संबंधित मामलों की जांच कर रही है। उसने इस संबंध में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
CID के एक बयान में कहा गया है, इस मामले के संबंध में, सौरभ कुमार सिंह (31) नामक एक और आरोपी को 3 मई को गिरफ्तार किया गया। बयान में यह भी बताया गया है कि 1.5 करोड़ रुपये और 18.86 लाख रुपये की सावधि जमा (FD) को ‘फ्रीज’ कर दिया गया है।
इससे पहले, पुलिस विभाग की लेखा शाखा के 3 कर्मियों- शंभू कुमार, रजनीश सिंह और धीरेन्द्र सिंह को पिछले 8 वर्षों में 2 बैंक खातों से कथित तौर पर 15.41 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में 8 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था।
बाद में 9 अप्रैल को इस मामले में 2 और लोगों- शंभू सिंह की पत्नी काजल कुमारी और रजनीश सिंह की पत्नी खुशबू कुमारी को गिरफ्तार किया गया। झारखंड CID ने 30 अप्रैल को बोकारो कोषागार से 10 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन का पता लगाया।
CID ने बोकारो पुलिस विभाग के लेखाकार कौशल कुमार पांडे के अलावा 2 पुलिसकर्मियों को भी गिरफ्तार किया है। पश्चिम सिंहभूम जिला कोषागार से 27 लाख रुपये के गबन में संलिप्तता के आरोप में एक पुलिसकर्मी के खिलाफ 26 अप्रैल को प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।
मामला सामने आने पर, चाईबासा कोषागार अधिकारी सुमित कुमार सिंह के बयान के आधार पर मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, 28 अप्रैल को पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया था।
धोखाधड़ी से धन निकासी की खबरों के मद्देनजर, राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सभी जिला कोषागारों की व्यापक लेखापरीक्षा का आदेश दिया है।