रांची : झारखंड के हजारीबाग जिले में राज्य सरकार के एक कर्मचारी को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान एक शपथपत्र में त्रुटियों को ठीक करने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद की गई जिसमें सरकारी कर्मचारी कथित तौर पर पैसे लेते हुए दिखाई दिया।
हजारीबाग के उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, बरही के अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) ने एक रिपोर्ट दी थी कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक सहायक प्रशासनिक अधिकारी एसआईआर कार्य के दौरान मतदाता पहचान पत्र के सत्यापन और शपथपत्र में त्रुटियों को ठीक करने के नाम पर 100 रुपये लेते हुए दिखाई दे रहा है।
आदेश में कहा गया है कि आरोप प्रथम दृष्टया स्थापित हुए और यह सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के विभिन्न प्रावधानों के विपरीत है। अधिकारी ने बताया कि संबंधित प्रशासनिक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है और हजारीबाग के चल्कुसा प्रखंड कार्यालय को उनका मुख्यालय निर्धारित किया गया है।
झारखंड में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया जारी है। इस चरण के लिए अंतिम तिथि 23 नवंबर निर्धारित की गई है।
निर्वाचन आयोग 30 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करेगा। आयोग ने 43.61 लाख नाम हटाने के बाद पांच अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की थी। एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में 2.64 करोड़ मतदाता थे।
इस प्रक्रिया के बाद प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 2.21 करोड़ मतदाता शामिल हैं, जिनमें 1.08 करोड़ महिलाएं और 260 तृतीय लिंग के मतदाता हैं।