पूर्वी सिंहभूम में स्वर्णरेखा नदी के तट से बरामद द्वितीय विश्व युद्ध के समय के संदिग्ध बम 
झारखंड

झारखंड में मिला द्वितीय विश्वयुद्ध का बम ! बॉम्ब स्क्वाड ने बताया बेहद घातक, सेना की ले रहे मदद

इस पर AN-M64 500 पाउंड… अमेरिकी…’ अंकित है

जमशेदपुर : झारखंड पुलिस पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वर्णरेखा नदी के तट से बरामद द्वितीय विश्व युद्ध के समय के संदिग्ध बम को निष्क्रिय करने के लिए भारतीय सेना से सहायता मांगेगी।

पूर्वी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (SP) (ग्रामीण) ऋषभ गर्ग ने बताया कि रांची स्थित बम पहचान एवं निरोधक दस्ते (BDDS) ने गुरुवार को बहरागोड़ा में घटनास्थल का निरीक्षण किया और पाया कि उपकरण अब भी ठीक हालत में है और भारी है।

उन्होंने कहा, BDDS टीम को IED और छोटे विस्फोटकों से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है। हालांकि, उन्होंने आकलन किया कि पुराना बम अब भी ठीक अवस्था में है और इसके सुरक्षित निपटान के लिए भारतीय सेना की विशेषज्ञता की आवश्यकता है।

गर्ग ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडे ने सेना को पत्र लिखकर बम निरोधक इकाई से सहायता मांगी है। उन्होंने कहा कि यह उपकरण द्वितीय विश्व युद्ध के समय का प्रतीत होता है, हालांकि यह कहां से आया इसकी पुष्टि अभी बाकी है। गोला-बारूद के निपटान के लिए आवश्यक प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।

बीडीडीएस इकाई ने पुलिस को सूचित किया कि ‘शक्तिशाली बम को मानक प्रक्रियाओं का उपयोग करके नष्ट नहीं किया जा सकता है’ और इसके लिए सेना के पास उपलब्ध उन्नत तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता है।

बहरागोड़ा के थाना प्रभारी अधिकारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर ली गई है और ग्रामीणों को वस्तु के पास जाने या उससे छेड़छाड़ करने के खिलाफ चेतावनी दी गई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गैस सिलेंडर से मिलता-जुलता बम, पानिपाड़ा-नागुदसाई मार्ग पर रेत की खुदाई के दौरान बरामद किया गया था। वस्तु पर अंकित निशान यह संकेत देते हैं कि यह कोई पुराना अमेरिका निर्मित बम हो सकता है। इस वस्तु पर ‘AN-M64 500 पाउंड… अमेरिकी…’ अंकित है।

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