जमशेदपुर : 700 करोड़ रुपये से अधिक के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को झारखंड और पश्चिम बंगाल में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।
ईडी की अलग-अलग टीमें जमशेदपुर में उद्योगपति ज्ञान चंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल से जुड़े परिसरों के अलावा पश्चिम बंगाल में भी तलाशी अभियान चला रही हैं। कार्रवाई के दौरान ईडी की टीम कारोबारी लेन-देन, खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, जमशेदपुर में बिष्टुपुर के कांट्रैक्टर्स एरिया स्थित जायसवाल के आवास के अलावा बर्मामाइंस, जुगसलाई और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में उनसे जुड़े कारोबारी परिसरों में तलाशी ली जा रही है। आदित्यपुर के हथियाडीह स्थित शारदा एंडेवर से जुड़े परिसर को भी जांच के दायरे में बताया गया है।
ईडी की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और जांच पूरी होने तक बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित रखी गई है। जांच एजेंसी को कथित तौर पर ऐसी कंपनियों और फर्मों के नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली है, जिनके माध्यम से बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी इनवॉइस जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने और उसे आगे बढ़ाने का आरोप है।
ईडी इसी कथित फर्जी बिलिंग और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
यह कार्रवाई कथित जीएसटी फर्जीवाड़े से जुड़े उस व्यापक नेटवर्क की जांच का हिस्सा बताई जा रही है, जिसमें कोलकाता से जुड़े कुछ कारोबारी और कथित सिंडिकेट भी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। इस नेटवर्क में फर्जी कंपनियों के नाम पर बिल तैयार कर जीएसटी क्रेडिट का कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने की जांच की जा रही है।
ज्ञान चंद जायसवाल इससे पहले भी जीएसटी से जुड़े एक मामले में जांच के दायरे में रहे हैं। बुधवार की ताजा कार्रवाई को इसी तरह के कथित फर्जी बिलिंग और वित्तीय लेन-देन के बड़े नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, ईडी की ओर से तलाशी पूरी होने और जांच के प्रारंभिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आज की कार्रवाई में कितनी संपत्तियों, कंपनियों और लेन-देन को जांच के दायरे में लिया गया है।