तेहरान : ईरान में युद्ध के चलते दुनियाभर में छाया उर्जा संकट खत्म हो सकता है। अमेरिका-ईरान में शांति समझौता होने और होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने के संकेत मिल रहे हैं। ईरान ने रविवार को कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या 30 दिनों के भीतर युद्ध-पूर्व के स्तर पर लौट आएगी। यानी एक महीने में उसी तरह से इस समुद्री गलियारे से जहाज और तेल टैंकर गुजरने लगेंगे, जैसे 28 फरवरी से पहले गुजर रहे थे।
ईरानी समाचार एजेंसी ने वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से बताया है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर तक एक महीने में ठीक होने की उम्मीद है। 28 फरवरी को इजरायल-अमेरिका के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है। ईरान ने हमलों के बाद इस समुद्री रूट से यातायात रोक दिया था।
ईरान में युद्ध शुरू होने यानी 28 फरवरी से पहले हर दिन होर्मुज स्ट्रेट से 125 से 140 जहाज गुजरते थे। ईरान की रोक और अमेरिकी नेवी की ओर से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी ने इस रूट को तकरीबन बंद कर दिया था। इससे दुनिया के बड़े हिस्से, खासतौर से भारत और उसके पड़ोसी देशों को खाड़ी देशों से आने वाला तेल और गैस नहीं मिल सका है और उनको उर्जा संकट का सामना करना पड़ा है।
भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रही बातचीत में बड़ी सफलता मिल सकती है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से अच्छी खबर आने की उम्मीद जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका देश ईरान के साथ समझौता करने के बहुत करीब है, जिससे युद्ध खत्म होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा।