सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला परिषद के अध्यक्ष आर. अलागर स्वामी ने उत्तर एवं मध्य अंडमान में हाल ही में हुई दो राज्य परिवहन सेवा बस दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अंडमान एवं निकोबार प्रशासन से सरकारी राज्य परिवहन सेवा बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बीमा सुविधा लागू करने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है। साबरी स्थित सेंट मैरी स्कूल के समीप हुई हालिया बस दुर्घटना तथा डिगलीपुर के किशोरीनगर में हुई नवीनतम दुर्घटना का उल्लेख करते हुए श्री अलागर स्वामी ने कहा कि लगातार हुई इन दोनों घटनाओं ने राज्य परिवहन सेवा की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आम जनता के बीच गंभीर चिंता पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई अनुभवी राज्य परिवहन सेवा चालक सेवानिवृत्त हो चुके हैं तथा उनकी जगह नए संविदा चालकों की नियुक्ति की गई है। ऐसे में चालकों की नियमित निगरानी तथा सुरक्षा संबंधी जांच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने डिगलीपुर दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आरोप सामने आए हैं कि दुर्घटना के समय चालक शराब के प्रभाव में था, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि नियमित जांच सुनिश्चित की जाए ताकि कोई भी चालक शराब के नशे में सरकारी बस का संचालन न कर सके। जिला परिषद अध्यक्ष ने परिवहन सचिव रजनीश तथा उत्तर एवं मध्य अंडमान के उपायुक्त से आग्रह किया कि निजी वाणिज्यिक वाहनों की तरह सरकारी बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना होती है तो बीमा सुविधा उपलब्ध होने से प्रभावित यात्रियों अथवा उनके परिजनों को बिना अनावश्यक विलंब के मुआवजा प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इस विषय को वह पूर्व में जिला योजना समिति की बैठक में भी उठा चुके हैं तथा एक बार फिर इस दिशा में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। समुद्री परिवहन व्यवस्था का उदाहरण देते हुए अलागर स्वामी ने कहा कि द्वीपों में संचालित यात्री नौकाएं बीमित होती हैं, जिससे दुर्घटना होने की स्थिति में यात्रियों को बीमा कंपनियों के माध्यम से मुआवजा मिल जाता है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार की व्यवस्था सरकारी बसों के लिए भी लागू की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन तथा मुख्य सचिव से यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि बसों का नियमित निरीक्षण किया जाए, निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य परिवहन सेवा बसों का संचालन पूरी तरह सुरक्षित ढंग से हो ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।