अगरतला :
त्रिपुरा में शारदीय दुर्गापूजा उत्सव के औपचारिक समापन के अवसर पर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को राजधानी अगरतला में भव्य ‘मायेर गमन’ कार्निवल का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा शाम पांच बजे महारानी तुलसीबती गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने से इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद मां दुर्गा और उनके साथ अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के साथ विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी। प्रतिमाओं का विसर्जन हावड़ा नदी के दशमीघाट क्षेत्र में किया जाएगा। ‘मायेर गमन’ को त्रिपुरा में दुर्गापूजा उत्सव के समापन का प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है। इस कार्निवल में अगरतला और आसपास के क्षेत्रों की विभिन्न दुर्गापूजा समितियां हिस्सा लेंगी। आयोजन के दौरान पूजा समितियों की ओर से तैयार की गई प्रतिमाओं, आकर्षक सजावट और कलात्मक प्रस्तुतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके जरिए राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और धार्मिक उत्सवों की भव्यता को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे शोभायात्रा
राज्य सरकार की ओर से जारी संयुक्त सूचना के अनुसार, अगरतला नगर निगम के आयुक्त साजू वहीद और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के निदेशक बिंबिसार भट्टाचार्य ने कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी दी है। प्रशासन ने प्रतिमाओं को लेकर आने वाले ट्रकों और अन्य वाहनों के लिए निर्धारित कतार की व्यवस्था की है।इन वाहनों को महारानी तुलसीबती गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने से रॉयल पैलेस क्षेत्र तक और लक्ष्मीनारायण बाड़ी रोड के आसपास निर्धारित स्थानों पर कार्यक्रम शुरू होने से पहले कतारबद्ध किया जाएगा। मुख्यमंत्री माणिक साहा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और हरी झंडी दिखाकर विसर्जन शोभायात्रा को रवाना करेंगे।आयोजन में राज्य मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्यों के शामिल होने की संभावना है। इनमें संताना चकमा, सुशांत चौधरी, टिंकू रॉय, विकास देबबर्मा, सुधांशु दास, शुक्ला चरण नोआतिया और किशोर बर्मन शामिल हैं।इसके अलावा राज्यसभा सांसद राजीव भट्टाचार्य, अगरतला के महापौर दीपक मजूमदार, विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय तथा पश्चिम त्रिपुरा जिला परिषद के सभाधिपति विश्वजीत शिल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। मुख्य सचिव जेके सिन्हा, पुलिस महानिदेशक जीएस राव और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के सचिव किरण गित्ते को भी आमंत्रित किया गया है।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान
कार्निवल में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की तैयारी की गई है। पुलिस और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों की भूमिका भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और विसर्जन शोभायात्रा के सुचारु संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।प्रतिमाओं को निर्धारित मार्ग से दशमीघाट तक पहुंचाने और विसर्जन की प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के कार्निवल देख सकें और यातायात तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
त्रिपुरा की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बना आयोजन
पिछले कुछ वर्षों में ‘मायेर गमन’ कार्निवल अगरतला के दुर्गापूजा समारोहों का एक प्रमुख आकर्षण बनकर उभरा है। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ विभिन्न पूजा समितियों की रचनात्मकता और सामुदायिक भागीदारी को भी प्रदर्शित करता है।इस कार्निवल के माध्यम से दुर्गापूजा उत्सव को सामूहिक विदाई दी जाती है। प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्रा और विसर्जन के जरिए मां दुर्गा की विदाई की परंपरा को सार्वजनिक उत्सव का रूप मिलता है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस आयोजन से त्रिपुरा की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सद्भाव और उत्सवी परंपराओं को व्यापक पहचान मिलेगी।शुक्रवार को होने वाला यह कार्यक्रम इस वर्ष के दुर्गापूजा उत्सव का औपचारिक समापन होगा। मुख्यमंत्री की मौजूदगी और विभिन्न पूजा समितियों की भागीदारी के बीच अगरतला में एक बार फिर भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिलेगा।