देश/विदेश

मणिपुर में हिंसा के खिलाफ गूंजा जनआक्रोश

KD Parth

हजारों लोगों ने बर्तन, ढोल और हॉर्न बजाकर किया प्रदर्शन

कांगला किले की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी

भीड़ हटाने के लिए पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

इंफाल:

मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष, लगातार हो रही हत्याओं और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने में सरकार की कथित विफलता के विरोध में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। राज्य के पांच घाटी जिलों में लोगों ने बर्तन, ढोल-नगाड़े और गाड़ियों के हॉर्न बजाकर अनोखे तरीके से विरोध जताया। इस प्रदर्शन को ‘साउंड प्रोटेस्ट’ नाम दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी पीड़ा और मांगों की आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।

फेडरेशन ऑफ हाओमी के आह्वान पर प्रदर्शन

यह प्रदर्शन सामाजिक संगठन फेडरेशन ऑफ हाओमी के आह्वान पर आयोजित किया गया था। संगठन ने लोगों से शाम 7:30 बजे से रात 8 बजे तक आवाज के माध्यम से विरोध दर्ज कराने की अपील की थी। इसके बाद इंफाल समेत घाटी के विभिन्न इलाकों में लोगों ने बर्तन पीटे, ढोल बजाए, वाहनों के हॉर्न और सायरन बजाए तथा लोहे के खंभों पर हथौड़े मारकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि वे अपनी पीड़ा नेताओं तक पहुंचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। उनका आरोप था कि लंबे समय से विभिन्न मांगें उठाने के बावजूद उनकी बातों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।

कांगला किले की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी

इंफाल में प्रदर्शनकारियों का एक समूह कांगला किले की ओर मार्च करने लगा। कांगला मणिपुर के पूर्ववर्ती राजतंत्र का ऐतिहासिक राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा है। इसके आसपास लोक भवन और मुख्यमंत्री सचिवालय भी स्थित हैं। प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ने पर सुरक्षा बलों ने कई स्थानों पर उन्हें रोकने का प्रयास किया।पैलेस कंपाउंड, मोइरांगखोम और केइसामपत जंक्शन के पास प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया। हालांकि, सैकड़ों लोग कांगला के प्रवेश द्वार तक पहुंच गए, लेकिन उन्हें किले के परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

आंसू गैस के गोले छोड़े गए

लोक भवन के पास एकत्र प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के कई गोले छोड़े। रात आठ बजे के बाद इलाके में बैरिकेड भी लगाए गए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।

एनआरसी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग

प्रदर्शनकारियों ने जातीय हिंसा रोकने और स्थायी शांति स्थापित करने के साथ राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने, अवैध प्रवासियों की पहचान करने तथा सशस्त्र समूहों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) समझौते को समाप्त करने जैसी मांगें भी उठाईं। मणिपुर में मई 2023 से जातीय संघर्ष जारी है। हालिया हत्याओं और लंबे समय से बनी अस्थिरता ने लोगों की चिंताएं बढ़ाई हैं। प्रदर्शन के जरिए लोगों ने सरकार से हिंसा रोकने, सुरक्षा मजबूत करने और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
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