कोहिमा :
नागालैंड के कोहिमा में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बाल विवाह समाप्त करने, बाल संरक्षण व्यवस्था मजबूत करने और लड़कियों की शिक्षा एवं अधिकारों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया। कोहिमा जिला प्रशासन ने संकल्प-महिला सशक्तिकरण जिला केंद्र (डीएचईडब्ल्यू), सखी वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से उपायुक्त सम्मेलन हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘बाल विवाह समाप्त करें और लड़कियों के अधिकारों में निवेश करें’ रखी गई। इसके माध्यम से लड़कियों की आवाज को मजबूती देने, उनके सशक्तीकरण को बढ़ावा देने और उनके सामने आने वाले भेदभाव तथा मानवाधिकार संबंधी चुनौतियों के प्रति जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कोहिमा के उपायुक्त और मिशन शक्ति की जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष बी. हेनोक बुकेम ने कहा कि एक लड़की को शिक्षित करने का प्रभाव केवल उसके जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे आने वाली पीढ़ियां भी सशक्त होती हैं। उन्होंने इस संदर्भ में प्रसिद्ध कहावत ‘पालने को झुलाने वाला हाथ दुनिया पर शासन करता है’ का उल्लेख किया।
शिक्षा और सहयोग से मजबूत होगा समाज
बुकेम ने अपनी दिवंगत मां को याद करते हुए बताया कि उन्होंने नर्स बनने और समुदाय की सेवा करने के लिए अपनी पढ़ाई जारी रखी थी। उनके जीवन से विनम्रता, सेवा और त्याग की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा समाज के व्यापक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उपायुक्त ने अपने प्रशासनिक अनुभवों का उल्लेख करते हुए कमजोर परिवारों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने ऐसे बच्चे का उदाहरण दिया, जिसने महामारी के दौरान अपने माता-पिता दोनों को खो दिया था। इसके अलावा उन्होंने एक ऐसे परिवार का भी जिक्र किया, जो एकल अभिभावक के सहारे कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहा था। उन्होंने लोगों से ऐसे जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। साथ ही, सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और पात्र लोगों तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।