37,548 बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
अगरतला :
त्रिपुरा में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और दूरदराज के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य के बिजली मंत्री रतन लाल नाथ ने बुधवार को दक्षिण त्रिपुरा जिले के सब्रूम और साचंद में नवनिर्मित 132 केवी के दो विद्युत सबस्टेशनों का उद्घाटन किया। लगभग 113.92 करोड़ रुपये की संयुक्त लागत से तैयार इन परियोजनाओं से क्षेत्र के 37,548 बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बिजली पारेषण क्षमता बढ़ाना, नेटवर्क पर दबाव कम करना और घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा सार्वजनिक संस्थानों को अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है। परियोजनाओं को पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने केंद्र सरकार और विश्व बैंक की वित्तीय सहायता से पूरा किया है। मंत्री रतन लाल नाथ ने दोनों सबस्टेशनों को राज्य के बिजली नेटवर्क के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए पारेषण एवं वितरण व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।
सब्रूम सबस्टेशन पर 66.19 करोड़ रुपये खर्च
सब्रूम में 132 केवी का सबस्टेशन लगभग 66.19 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इस परियोजना का निर्माण कार्य मार्च 2021 में शुरू हुआ था। इसमें अत्याधुनिक विद्युत सबस्टेशन के साथ दो मंजिला नियंत्रण कक्ष भवन का निर्माण किया गया है। परियोजना के तहत बेलोनिया से सब्रूम तक 132 केवी की डबल-सर्किट पारेषण लाइन भी बिछाई गई है। इससे सब्रूम को राज्य के मौजूदा बिजली नेटवर्क से जोड़ा गया है और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। सब्रूम सबस्टेशन में 31.5 एमवीए क्षमता के दो 132/33 केवी ट्रांसफॉर्मर तथा 10 एमवीए क्षमता के दो 33/11 केवी ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। नई पारेषण व्यवस्था के माध्यम से इसे बेलोनिया और साचंद के बिजली नेटवर्क से भी जोड़ा गया है। इस परियोजना से सब्रूम, वैष्णवपुर, मनुघाट, हरिना, बांकुल, एकीकृत चेक पोस्ट क्षेत्र, लुधुआ, रूपाइछड़ी और आसपास के इलाकों के 21,398 बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
साचंद में 47.83 करोड़ रुपये की परियोजना
दूसरा सबस्टेशन साचंद में लगभग 47.83 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इस परियोजना का निर्माण कार्य जनवरी 2021 में शुरू हुआ था। इसे भी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने केंद्र सरकार और विश्व बैंक की सहायता से पूरा किया है। सबस्टेशन में दो मंजिला नियंत्रण कक्ष भवन के साथ 31.5 एमवीए क्षमता के दो 132/33 केवी ट्रांसफॉर्मर और 10 एमवीए क्षमता के दो 33/11 केवी ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। इसके अलावा, साचंद से बगाफा तक 132 केवी की डबल-सर्किट पारेषण लाइन का निर्माण किया गया है। इस नई व्यवस्था से साचंद सबस्टेशन को बगाफा और सब्रूम के बिजली नेटवर्क से जोड़ा गया है। इससे दक्षिण त्रिपुरा के विभिन्न क्षेत्रों के बीच बिजली पारेषण संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। इस परियोजना से साचंद, मनुबाजार, शाकबारी, मगरछरा, कालाछरा, भुराखाली, सिंदुकपाथर, राजीवनगर, श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों के 16,150 उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की संभावना है।
वोल्टेज में सुधार और आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने का लक्ष्य
दोनों सबस्टेशनों के शुरू होने से दक्षिण त्रिपुरा में बिजली पारेषण और वितरण नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी। नई ट्रांसफॉर्मर क्षमता तथा अतिरिक्त पारेषण लाइनों के कारण बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर बनाने और वोल्टेज संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों में मजबूत बिजली नेटवर्क घरेलू जरूरतों के अलावा छोटे व्यवसायों, दुकानों, सरकारी संस्थानों और अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। बेहतर बिजली आपूर्ति से स्थानीय स्तर पर कारोबार और विकास संबंधी गतिविधियों को भी समर्थन मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक सुधार का आकलन इन सुविधाओं के नियमित संचालन, बिजली की मांग और वितरण नेटवर्क के प्रदर्शन के आधार पर किया जा सकेगा।
विकास और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा समर्थन
दक्षिण त्रिपुरा में इन दोनों परियोजनाओं का महत्व केवल बिजली आपूर्ति तक सीमित नहीं है। मजबूत विद्युत बुनियादी ढांचा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भी जरूरी है।सब्रूम और साचंद के सबस्टेशनों के माध्यम से बिजली नेटवर्क को अतिरिक्त क्षमता और बेहतर संपर्क मिलने से क्षेत्र के हजारों परिवारों को अधिक विश्वसनीय सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। केंद्र सरकार और विश्व बैंक की वित्तीय सहायता से तैयार ये परियोजनाएं त्रिपुरा में बिजली व्यवस्था के आधुनिकीकरण के प्रयासों का हिस्सा हैं। कुल मिलाकर, लगभग 113.92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार दोनों सबस्टेशनों का उद्घाटन दक्षिण त्रिपुरा के बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। अब इनके प्रभावी संचालन से बिजली उपभोक्ताओं को कितनी राहत मिलती है, यह महत्वपूर्ण होगा।