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त्रिपुरा पहुंचेगी पहली कांदा एक्सप्रेस, 440 टन प्याज से कीमतों पर लगेगी लगाम

KD Parth

अगरतला :

त्योहारों के मौसम में प्याज की बढ़ती मांग और कीमतों में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने त्रिपुरा के लिए पहली बार विशेष रेल सेवा ‘कांदा एक्सप्रेस’ शुरू की है। इस ट्रेन के जरिए लगभग 440 मीट्रिक टन प्याज 18 अक्टूबर तक राज्य की राजधानी अगरतला पहुंचने की उम्मीद है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य राज्य में प्याज की उपलब्धता बढ़ाना और उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर यह आवश्यक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। उपभोक्ता मामले विभाग ने मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत सुरक्षित रखे गए प्याज के भंडार को विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की है। पूर्वोत्तर में प्याज की आपूर्ति मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहले कांदा एक्सप्रेस के माध्यम से असम में प्याज की खेप पहुंचाई गई थी। अब इस नेटवर्क का विस्तार त्रिपुरा तक किया जा रहा है, ताकि त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग को पूरा करने में मदद मिल सके।

सात जिलों में आपूर्ति बढ़ाने की तैयारी

केंद्र सरकार की इस पहल से त्रिपुरा के आठ में से सात जिलों में प्याज की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। इनमें धलाई, दक्षिण त्रिपुरा, खोवाई, उनाकोटी, पश्चिम त्रिपुरा, गोमती और सिपाहीजाला शामिल हैं। रेल परिवहन के साथ सड़क मार्ग का भी इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्याज को प्रमुख बाजारों और उपभोग केंद्रों तक पहुंचाया जा सके। इससे अंतिम छोर तक आपूर्ति मजबूत करने और स्थानीय बाजारों में उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूर्वोत्तर के विभिन्न हिस्सों में अब तक दो कांदा एक्सप्रेस रेल रेक के माध्यम से क्रमशः 840 टन और 452 टन प्याज भेजे जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 44 ट्रक खेपों से 1,513.46 टन प्याज की आपूर्ति की गई है। इस प्रकार रेल और सड़क मार्ग से क्षेत्र में 2,800 टन से अधिक बफर स्टॉक प्याज पहुंचाया जा चुका है। वितरण नेटवर्क में असम, त्रिपुरा और नगालैंड के कई प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

मंडियों में प्याज की कीमतों में नरमी

इस बीच, खरीफ प्याज की नई फसल की आवक बढ़ने से देशभर की प्रमुख मंडियों में कीमतों में नरमी देखी जा रही है। अखिल भारतीय औसत थोक मंडी भाव सितंबर में लगभग 3,600 रुपये प्रति क्विंटल के उच्च स्तर से घटकर अक्टूबर में करीब 3,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है। उपभोक्ता मामले विभाग के मुताबिक, पिछले दो सप्ताह में देश के 211 शहरों में प्याज की खुदरा कीमतों में प्रति किलोग्राम एक से 13 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई है। सरकार बाजार की स्थिति, प्याज की आवक और कीमतों पर लगातार नजर रख रही है। आवश्यकता पड़ने पर बफर स्टॉक से अतिरिक्त प्याज जारी किया जाएगा, ताकि बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे और कीमतों में अनुचित वृद्धि को रोका जा सके।
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