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जुबीन गर्ग मामले में नई चार्जशीट की मांग

KD Parth

राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर शुरू हुई नए सिरे से पहल

गुवाहाटी :

असम के लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नए सिरे से पहल शुरू हो गई है। रायजोर दल के विधायक अखिल गोगोई के नेतृत्व में गठित 21 सदस्यीय संयोजक समिति ने आरोपितों को मिली जमानत को चुनौती देने और मामले में पूरक आरोपपत्र दाखिल कराने के लिए कानूनी कदम उठाने का फैसला किया है। समिति जनसमर्थन जुटाने के साथ-साथ मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए नागरिक समाज के संगठनों के साथ समन्वय करेगी। समिति के गठन के बाद अखिल गोगोई ने कहा कि अभियान के दो प्रमुख पहलू होंगे। पहला, जुबीन गर्ग की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर लोगों को लामबंद करना और दूसरा, आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करना। इसके तहत एक अलग कानूनी प्रकोष्ठ गठित किया जाएगा, जो मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं की समीक्षा करेगा और उपलब्ध न्यायिक विकल्पों पर विचार करेगा। इस प्रकोष्ठ का नेतृत्व दुलु अहमद करेंगे। इसमें स्वतंत्र और अनुभवी वकीलों को शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।

जमानत के आदेशों को चुनौती देने की तैयारी

समिति ने राज्य सरकार से आग्रह करने का निर्णय लिया है कि वह आरोपितों को मिली जमानत के आदेशों को उचित न्यायिक प्रक्रिया के तहत चुनौती दे। साथ ही, जिन आरोपितों को अभी जमानत नहीं मिली है, उनके मामलों में जमानत का विरोध करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं। समिति का मानना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत उपलब्ध सभी विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए।

पूरक आरोपपत्र दाखिल करने की मांग

बैठक में मामले की जांच से जुड़े दस्तावेजों और आरोपपत्र की समीक्षा के बाद पूरक आरोपपत्र दाखिल कराने की मांग को भी प्रमुखता से उठाने का फैसला किया गया। समिति चाहती है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़े तथा दोषी साबित होने वालों को कड़ी सजा मिले। हालांकि, किसी भी व्यक्ति का दोष तय करने का अधिकार अदालत को है और अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

जनसमर्थन जुटाने पर भी रहेगा जोर

समिति कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी चलाएगी। बैठक में तय किया गया कि जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में न्याय की मांग को अदालत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि नागरिक समाज और आम लोगों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका अभियान किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। अखिल गोगोई ने दावा किया कि गायक की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग भी बैठक की पहल का समर्थन करती हैं। यह उनका दावा है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है।जुबीन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद असम में व्यापक आक्रोश और निष्पक्ष जांच की मांग उठी थी। असम पुलिस के विशेष जांच दल ने दिसंबर 2025 में मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था। बाद में अदालत ने सात आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए, जिनमें चार पर हत्या के आरोप भी शामिल हैं। अब अखिल गोगोई के नेतृत्व वाली समिति की नई पहल से मामले में पूरक आरोपपत्र और जमानत के आदेशों को चुनौती देने की मांग फिर चर्चा में आ गई है।
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