100 फुट ऊंचा और 120 फुट चौड़ा होगा आकर्षण का केंद्र
पश्चिम बंगाल के 45 से अधिक कारीगर जुटे निर्माण में
गुवाहाटी :
असम की राजधानी गुवाहाटी में इस वर्ष दुर्गा पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मनोरंजन और कल्पनाओं की अनोखी दुनिया देखने को मिलेगी। शहर के बामुनीमैदान में आयोजित होने वाली दुर्गा पूजा के 39वें वर्ष को खास बनाने के लिए पूजा समिति ने डिज्नीलैंड की थीम पर भव्य पंडाल तैयार करने की योजना बनाई है। इस पंडाल में परी-कथाओं के महल की तर्ज पर विशाल संरचना बनाई जा रही है, जिसकी ऊंचाई करीब 100 फुट और चौड़ाई 120 फुट होगी। आयोजकों को उम्मीद है कि यह आकर्षक पंडाल इस बार दुर्गा पूजा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा।
3डी लाइटिंग और चलते-फिरते कार्टून पात्र होंगे खास
पंडाल की भव्यता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें विशेष 3डी लाइटिंग व्यवस्था के साथ स्वचालित तरीके से चलने वाले कार्टून पात्रों को शामिल करने की योजना है। इन आकर्षणों के माध्यम से बच्चों और परिवारों को एक ऐसी दुनिया का अनुभव कराने का प्रयास किया जा रहा है, जो डिज्नीलैंड की कल्पनात्मक सजावट से प्रेरित होगी।परी-कथा के महल जैसी बनावट और रंग-बिरंगी रोशनी पंडाल को विशेष रूप देने में अहम भूमिका निभाएंगी। पूजा समिति का उद्देश्य धार्मिक आयोजन को आकर्षक सजावट और मनोरंजन के साथ जोड़ना है, ताकि श्रद्धालुओं के साथ-साथ बच्चों और पर्यटकों को भी यहां आने का विशेष अनुभव मिल सके।
पश्चिम बंगाल के 45 से अधिक कारीगर कर रहे काम
इस विशाल पंडाल को तैयार करने के लिए पश्चिम बंगाल से 45 से अधिक कारीगरों की एक विशेष टीम जुटी हुई है। कारीगर दिन-रात काम कर रहे हैं, ताकि दुर्गा पूजा शुरू होने से पहले पूरी संरचना को अंतिम रूप दिया जा सके। पंडाल के आकार और तकनीकी सजावट को देखते हुए निर्माण कार्य को चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। विशाल महलनुमा ढांचे के साथ प्रकाश व्यवस्था और स्वचालित कार्टून पात्रों का समन्वय इस आयोजन को दूसरे पूजा पंडालों से अलग पहचान दिला सकता है।
भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा की तैयारी
आयोजकों को इस बार पंडाल में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन और पूजा समिति की ओर से सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, परिसर में सीसीटीवी निगरानी नेटवर्क स्थापित करने, चिकित्सा शिविर लगाने और स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाने की योजना है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और भीड़ को व्यवस्थित ढंग से नियंत्रित करना है।
धार्मिक आस्था के साथ मनोरंजन का संगम
दुर्गा पूजा पूर्वोत्तर भारत में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मेलजोल का भी महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरान विभिन्न पूजा समितियां अपनी विशिष्ट थीम, कलात्मक पंडालों और आकर्षक रोशनी के माध्यम से लोगों को आकर्षित करती हैं। बामुनीमैदान की डिज्नीलैंड-प्रेरित थीम इसी परंपरा को एक नया रूप देने का प्रयास है। 39वें वर्ष में आयोजित होने वाली यह पूजा बच्चों, परिवारों और दुर्गा पूजा घूमने आने वाले लोगों के लिए विशेष आकर्षण बन सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि विशाल महलनुमा पंडाल और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था त्योहार के दौरान किस तरह का अनुभव प्रस्तुत करते हैं।