अखिल गोगोई ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांगी की
गुवाहाटी :
असम की राजधानी गुवाहाटी के अजारा रेवेन्यू सर्कल ऑफिस में एक महिला वकील के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। 10 अक्टूबर को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रायजोर दल के प्रमुख और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने संबंधित अधिकारियों और इस मामले में नामजद किए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ-साथ असम पुलिस, पुलिस महानिदेशक और गुवाहाटी पुलिस कमिश्नरेट से भी हस्तक्षेप करने की अपील की। गोगोई ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि सरकारी कार्यालय के भीतर महिला वकील के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनके साथ मारपीट हुई। उन्होंने अजारा के रेवेन्यू सर्कल ऑफिसर बिप्लब शर्मा बोरदोलोई, ALRS अधिकारी बिपुल डेका और वकील बास्ताब बरमन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इन लोगों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों का जवाब भी सामने आना बाकी है।
सुनवाई के सिलसिले में कार्यालय पहुंची थीं वकील
अखिल गोगोई के बयान के अनुसार, महिला वकील एक मामले की सुनवाई के सिलसिले में अजारा रेवेन्यू सर्कल ऑफिस पहुंची थीं। आरोप है कि वहां एक ALRS अधिकारी ने उनके साथ बदसलूकी की, अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें अपने कमरे से बाहर जाने के लिए कहा। बताया गया कि कथित दुर्व्यवहार की शिकायत लेकर महिला वकील रेवेन्यू सर्कल ऑफिसर के पास पहुंचीं। इसी दौरान उन्होंने अपने मोबाइल फोन पर बातचीत रिकॉर्ड करनी शुरू कर दी। गोगोई के आरोपों के मुताबिक, वहां मौजूद एक अधिकारी ने उनका हाथ पकड़ लिया और मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और महिला वकील के साथ मारपीट की गई।
सरकारी कार्यालयों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद सरकारी कार्यालयों में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गोगोई ने आरोप लगाया कि यह घटना कार्यालय के दरवाजे बंद होने के बाद हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के निर्वाचन क्षेत्र जालुकबारी का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि यदि वहां सरकारी कार्यालय में महिला वकील सुरक्षित नहीं हैं, तो महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। रायजोर दल प्रमुख ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से घटना के वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने की भी अपील की। फिलहाल, वायरल वीडियो और गोगोई के आरोपों के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियों का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया, संबंधित अधिकारियों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।