गुवाहाटी : लोकप्रिय असमिया गायक और संगीतकार जुबिन गर्ग की पहली बरसी से एक दिन पहले शुक्रवार को उनके प्रशंसक और चाहने वाले बड़ी संख्या में कामरकुची स्थित स्मारक पर पहुंचे। गर्ग के अचानक निधन के एक साल बाद भी उनके प्रशंसकों में उनके प्रति भावनात्मक जुड़ाव दिखाई दिया। स्मारक पर लोगों ने अलग-अलग तरीके से अपने प्रिय कलाकार को श्रद्धांजलि दी। प्रशंसकों ने उनके लोकप्रिय गीत गाए, जबकि कलाकारों ने उनके चित्र बनाए। कई लोगों ने स्मारक पर विभिन्न वस्तुएं अर्पित कर उन्हें याद किया।
तीन दिवसीय ‘जुबिन दिवस’ का आयोजन
गर्ग की पहली बरसी के अवसर पर उनके अंतिम संस्कार स्थल पर गुरुवार से तीन दिवसीय ‘जुबिन दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसका आयोजन राज्य के सांस्कृतिक विभाग, कलागुरु आर्टिस्ट फाउंडेशन, जुबिन गर्ग फैन क्लब और अन्य संगठनों की ओर से संयुक्त रूप से किया जा रहा है। कार्यक्रम के पहले दिन उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग भी स्मारक पर पहुंचीं। वहां ‘नाम-प्रसंग’ सहित कई प्रार्थना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान मौजूद लोगों ने जुबिन के लोकप्रिय गीत गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राज्यभर से कलाकार पहुंचे
तीन दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन भी विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। असम के अलग-अलग हिस्सों से कलाकार स्मारक स्थल पर पहुंचकर गर्ग को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कई कलाकारों ने उनके चित्र बनाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। गर्ग की पहली बरसी पर आयोजित कार्यक्रमों में उनके संगीत और सांस्कृतिक योगदान को याद किया जा रहा है। उनके प्रशंसकों के लिए यह आयोजन उनकी स्मृतियों से जुड़ने का अवसर भी बन गया है।
19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में हुई थी मौत
जुबिन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में मौत हो गई थी। वह ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ में प्रस्तुति देने के लिए सिंगापुर गए थे। सिंगापुर पुलिस के अनुसार, वह लैजारस आइलैंड के पास एक यॉट यात्रा के दौरान तैरने के लिए पानी में गए थे। बाद में वह बेहोश पाए गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। सिंगापुर के स्टेट कोरोनर ने 25 मार्च 2026 को उनकी मौत को आकस्मिक डूबने का मामला माना और कहा कि मौत में किसी तरह की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप का सबूत नहीं मिला। सिंगापुर पुलिस ने भी अपनी जांच पूरी करने के बाद कहा कि उसे किसी तरह की गड़बड़ी के सबूत नहीं मिले।
असम में एसआईटी ने दाखिल की चार्जशीट
दूसरी ओर, असम पुलिस के अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गर्ग की मौत की अलग जांच की। एसआईटी ने दिसंबर 2025 में अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया था, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया और चार के खिलाफ हत्या के आरोप लगाए गए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने नवंबर 2025 में विधानसभा में गर्ग की मौत को ‘साफ-साफ हत्या’ का मामला बताया था। वहीं, सिंगापुर की जांच और कोरोनर की कार्यवाही में मौत को आकस्मिक डूबने का मामला माना गया। दोनों जांचों के निष्कर्षों में यह अंतर इस मामले को लेकर चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।