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भातुबस्ती में जलभराव से बढ़ी चिंता, पार्षद कविता उदयकुमार ने नालों के निर्माण की मांग की

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : वार्ड संख्या-24 की पार्षद एवं श्री विजय पुरम नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष कविता उदयकुमार ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड से भातुबस्ती चेक पोस्ट से महिंद्रा शोरूम तक सड़क किनारे जल निकासी व्यवस्था के तत्काल निर्माण एवं पुनर्स्थापना की मांग की है। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को भेजे गए ज्ञापन में उन्होंने कहा कि सड़क किनारे स्थित नालों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है तथा वर्तमान जल निकासी व्यवस्था कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त, अपर्याप्त अथवा अवरुद्ध हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा के दौरान सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जिससे गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है और सड़क को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक वर्षा जल के जमा रहने से सड़क पर गड्ढे बन गए हैं और सड़क की सतह कमजोर हो गई है, जिससे वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। प्रभावित सड़क खंड का उपयोग स्थानीय निवासी, स्कूली बच्चे, कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, वरिष्ठ नागरिक और आपातकालीन वाहन नियमित रूप से करते हैं। मानसून के दौरान पैदल यात्रियों को जलभराव वाले क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी स्थिति जोखिमपूर्ण बनी रहती है, क्योंकि जलभराव के नीचे छिपे गड्ढों के कारण फिसलने की आशंका रहती है। बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या के समाधान नहीं होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कविता उदयकुमार ने कहा कि वर्षा जल की समुचित निकासी और सड़क अवसंरचना की सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक एवं टिकाऊ जल निकासी प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड से इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण करने तथा भातुबस्ती चेक पोस्ट से महिंद्रा शोरूम तक नालों के निर्माण, पुनर्स्थापना, चौड़ीकरण एवं सफाई की कार्रवाई शुरू करने की मांग की।

उन्होंने आगे कहा कि मानसून के दौरान बार-बार होने वाले जलभराव की समस्या को रोकने के लिए दीर्घकालिक समाधान लागू किए जाने चाहिए। उनका कहना था कि समय पर हस्तक्षेप से सार्वजनिक अवसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा इस मार्ग पर निर्भर हजारों यात्रियों और स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी।


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