संयुक्त राष्ट्र : दुनिया में जारी युद्धों, बढ़ते ध्रुवीकरण, जलवायु संकट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के संभावित खतरों के बीच विश्व के नेता इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में जुट रहे हैं। करीब 130 राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के मंगलवार से शुरू होने वाली उच्चस्तरीय बैठक को ईरान, गाजा, यूक्रेन, सूडान, कांगो और म्यांमार के संघर्षों के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक दबावों पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। साथ ही बढ़ते वैश्विक तापमान, समुद्र के बढ़ते स्तर, देशों के भीतर और उनके बीच बढ़ती असमानता तथा बाधित व्यापार मार्गों और आपूर्ति शृंखलाओं से बढ़ती महंगाई पर भी चर्चा होगी। संयुक्त राष्ट्र में सुधार भी प्रमुख मुद्दों में रहेगा। 193 सदस्यीय संगठन ने व्यापक सुधारों की योजना पर सहमति जताई है, जिसमें सुरक्षा परिषद जैसी प्रमुख संस्थाओं में बदलाव शामिल है। सुरक्षा परिषद में अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस को वीटो अधिकार प्राप्त है। हालांकि, सुधारों को लागू करना अब भी चुनौती बना हुआ है। महासचिव एंतोनियो गुतारेस का दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त होगा।