सर्जना शर्मा
नयी दिल्ली: राष्ट्र के उत्थान में भाषा का बहुत योगदान होता है भाषा राष्ट्र का जीवन होती है ये संस्कृति को जीवित रखती है। हिंदी सबको जोड़ कर रखने का काम करती है विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने विश्व हिंदी दिवस पर भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित एक समारोह में कहा कि विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों में राजभाषा हिंदी के प्रचार प्रसार और देश में हिंदी में काम करने के लिए विदेश मंत्रालय निरंतर प्रयास कर रहा है।
हिंदी दिवस और विश्व हिंदी दिवस मनाने के लिए दूतावासों और उच्चायोगों को सहायता प्रदान करता है । सिंह ने कहा विदेशों में बसे भारतीयों को हिंदी से जोड़ कर रखना है। हिंदी भाषा को माध्यम से भारत की महान संस्कृति का परिचय दिया जा रहा है। विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के माध्यम से विदेशों में 49 हिंदी अध्ययन केंद्र चल रहे हैं और विश्व के 100 देशों के 770 विश्वविद्यालयों में हिंदी पढायी जा रही है। और देश के 37 पासपोर्ट केंद्रों में से 22 में लगभग 80 फीसदी काम हिंदी में किया जा रहा है।
इस अवसर पर दिल्ली स्थित अनेक दूतावासों और उच्चायोगों के राजदूत और उच्चायुक्त आए सबने हिंदी में भाषण दिया। इरेशिया के राजदूत अलेम तेशे ओल्डेमेरियम ने विश्व हिंदी दिवस की शुभकामनाएं हिंदी में दी और सबको किशोर कुमार का गाना भी गाकर सुनाया जिंदगी एक सफर है सुहाना. मोरेक्को के राजदूत ने हिंदी के साथ साथ संस्कृत में भाषण दिया।
नार्वे की राजदूत भारतीय परिधान साडी पहन कर आयी थीं वे भी शुद्ध हिंदी में ही बोलीं उन्होंने कहा हिंदी भारत और नार्वे की संस्कृति को जोड़ती है। केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा में हिंदी पढ रहे छात्रों ने सरस्वती वंदना और शिव आराधना गायी तो साथ ही हिंदी फिल्मी गीत गाकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया।
भारतीय विदेश मंत्रालय में दक्षिण मामलों की सचिव नीना मल्होत्रा ने कहा कि हिंदी इस समय दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। दुनिया के 800 स्कूलों में हिंदी पढायी जा रही है। विदेश मंत्रालय समय समय पर हिंदी कार्यशालाएं आयोजित करता है और हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देता है। नीना मल्होत्रा ने प्रधानमंत्री मोदी का संदेश भी पढ कर सुनाया ।
इस अवसर पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों में हिंदी में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार दिए गए । विदेश मंत्रालय के राजभाषा और भारतीय भाषा विभाग ने कार्यक्रम का आयोजन किया था विभाग की सचिव अंजु रंजन ने अपने धन्यवाद प्रस्ताव में बताया कि विदेश मंत्रालय देश और विदेश में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए बेहतरीन काम कर रहा है।