दीमापुर : नागालैंड एजुकेशन एसोसिएशन (एनईए) ने शिक्षा विभाग, नागालैंड विश्वविद्यालय और कोहिमा स्थित एल्डर कॉलेज के शिक्षा विभाग के सहयोग से शिक्षकों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और स्वयं (SWAYAM) पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की। एनईए अध्यक्ष डॉ. ब्वेहुनले खिंग ने स्वागत भाषण में शिक्षा के क्षेत्र में एआई के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, छात्रों और प्रशासकों को नई तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल के लिए जरूरी ज्ञान और कौशल से लैस करना आवश्यक है। उन्होंने स्वयं को वंचित छात्रों, कार्यरत शिक्षकों, पेशेवरों और आजीवन सीखने वालों के लिए उपयोगी मंच बताया, जहां वे बिना ट्यूशन फीस अपनी सुविधा के अनुसार पाठ्यक्रम कर सकते हैं। तकनीकी सत्र में एनआईईएलआईटी कोहिमा के तकनीकी अधिकारी मोआसुनेप किचु ने ‘शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि एआई शिक्षकों की जगह नहीं लेगा, बल्कि प्रशासनिक कार्यों का बोझ कम कर छात्रों के साथ संवाद के लिए अधिक समय उपलब्ध करा सकता है। उन्होंने पाठ योजना, शिक्षण तैयारी और शोध में एआई के उपयोग की जानकारी दी तथा जिम्मेदार एआई इस्तेमाल के चार सूत्र सत्यापन, वैधता, निजता का सम्मान और सतर्कता बताए। दूसरे सत्र में नागालैंड विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बोयिल्लापल्ली वेंकट राव ने स्वयं मंच की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने संस्थानों में समर्पित समन्वयक नियुक्त करने और स्वयं पाठ्यक्रमों के लिए अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) आईडी के महत्व पर जोर दिया।