उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों, खासकर चारधाम यात्रियों और पर्वतीय मार्गों पर सफर करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। आने वाले तीन से चार दिनों तक पहाड़ों में मौसम के तेवर तीखे बने रहने के संकेत हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के देहरादून केंद्र के अनुसार राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की जा सकती है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तेज हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिक्कतें बढ़ सकती हैं। ऐसे हालात में खुले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग ने चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कों के बाधित होने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि बारिश के कारण लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिल सकती है।
राजधानी देहरादून में शनिवार को आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे। दिनभर हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। ठंडी हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
शुक्रवार को भी उत्तराखंड के कई जिलों में मौसम सक्रिय रहा। अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में बारिश दर्ज की गई। वहीं चमोली जिले के हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी होने से ठंडक बढ़ गई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का असर अधिक देखने को मिला।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो गंगोलीहाट में सबसे अधिक 14 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। मालदेवता और कोटी में 13.5-13.5 मिलीमीटर, नागट्ठा में 12 मिलीमीटर तथा देहरादून में 5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
14 जून: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत अधिकांश पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मैदानी इलाकों में भी मौसम बदल सकता है।
15 जून: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। कई स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।
16 जून: पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने के आसार हैं। कई जिलों में बादल छाए रहेंगे और मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना कम है।
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में न रुकने की अपील की है। खासकर चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की हर अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। ऐसे में सतर्कता और सावधानी जरूरी होगी।